Delhi Electon Result 2020:
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने न तो पद छोड़ने की पेशकश की है और न ही उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया है. हालांकि, सूत्रों ने दावा किया कि तिवारी ने पार्टी के एक शीर्ष पदाधिकारी से संपर्क किया और भाजपा को आम आदमी पार्टी (आप) के हाथों मिली करारी हार के चलते दिल्ली इकाई प्रमुख के रूप में पद छोड़ने की पेशकश की. Also Read - Oxygen issue : बीजेपी ने पूछा, दिल्‍ली सरकार क्‍यों सोचती हैं कि केंद्र भेदभाव कर रहा है?

तिवारी ने मीडियाकर्मियों से कहा, ”न तो मुझे इस्तीफा देने के लिए कहा गया है और न ही मैंने अपना इस्तीफा दिया है.” Also Read - Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद तिवारी ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह दिल्ली भाजपा प्रमुख के रूप में काम जारी रखेंगे या नहीं, यह पार्टी का आंतरिक मामला है. Also Read - 'फोन नहीं उठा रहे अधिकारी'; भाजपा सांसद संतोष गंगवार ने सीएम योगी को लिखा पत्र, यूपी में कोरोना से हालात भयावह

भाजपा करीब दो दशकों बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी, हालांकि आप ने 70 सदस्यों वाली विधानसभा में पार्टी को आठ सीटों तक सीमित कर दिया. आप को 62 सीटों पर जीत हासिल हुई.

तिवारी को नवंबर 2016 में दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, और वह अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. पिछले साल पार्टी के संगठनात्मक चुनावों को विधानसभा चुनावों के कारण स्थगित कर दिया गया था.