मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या विश्‍वासमत हासिल करें: येदियुरप्पा

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को झारखंड में कहा कि यह कांग्रेस की अंदरूनी समस्या

Published date india.com Published: July 14, 2019 4:20 PM IST
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या विश्‍वासमत हासिल करें: येदियुरप्पा
येदियुरप्पा ने कहा, मैं मांग करता हूं कि अगर मुख्यमंत्री ईमानदार हैं और लोकतांत्रिक प्रणाली की परवाह करते हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.

बेंगलुरु/रांची: बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.एस. येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार बहुमत खो चुकी है. उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें सोमवार को विश्वास मत हासिल करना चाहिए. येदियुरप्पा ने कहा, मैं मांग करता हूं कि अगर मुख्यमंत्री ईमानदार हैं और लोकतांत्रिक प्रणाली की परवाह करते हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए या सोमवार को विश्वास मत के लिए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए.

वहीं, बीएस येदियुरप्पा से जब पूछा गया कि ‘डीके शिवकुमार कहते हैं कि अगर बागी विधायक सरकार के खिलाफ वोट देते हैं, तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा’ तो उन्‍होंने कहा कि अध्‍यक्ष को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के कारण किसी को भी अयोग्य ठहराने का अधिकार नहीं है.

समस्‍या राहुल गांधी के इस्‍तीफे से शुरू हुई
वहीं, कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की खरीद फरोख्त कर राज्य की सरकार को अस्थिर करने के कांग्रेस- जेडीएस के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को कहा कि यह कांग्रेस की अंदरूनी समस्या है जो राहुल गांधी के इस्तीफे से प्रारंभ हुई है. कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद अपनी पहली झारखंड यात्रा के दौरान रांची में संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने यह बयान दिया है.

राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के इस्‍तीफे के बाद लोग इस्‍तीफा दे रहे हैं
नड्डा से जब यह पूछा गया कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ गठबंधन का आरोप है कि भाजपा के कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.एस. येदियुरप्पा ने 20 20 करोड़ रुपया देकर विधायकों को तोड़ा है और पार्टी इस पर मौन है, तो उन्होंने दो टूक कहा, यह आरोप निराधार है. यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है. उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया और सभी लोग अब इस्तीफा दे रहे हैं.

18 विधायकों का समर्थन सरकार को नहीं
कांग्रेस के 13 और जनता दल (एस) के तीन विधायकों के इस्तीफे के चलते राज्य की गठबंधन सरकार का भविष्य अधर में है. इसके साथ ही सरकार को स्थिरता देने के लिए हाल में मंत्री बनाए गए दो निर्दलीय विधायकों ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है.
बेंगलुरु में भाजपा नेता येदियुरप्पा ने बातचीत में कहा कि जद (एस) और कांग्रेस के 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और भाजपा को अपना समर्थन दिया है. निर्दलीय विधायकों- एच नागेश और आर शंकर ने भी गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और अब भाजपा का समर्थन कर रहे हैं.

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मैं कुमारस्वामी को ऐसा करने की ही सलाह दूंगा
येदियुरप्पा ने कहा, आपने (कुमारस्वामी) बहुमत खो दिया है. इसलिए उन्हें विश्वास मत हासिल करना चाहिए या तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. कल (सोमवार को) कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में मैं कुमारस्वामी को ऐसा करने की ही सलाह दूंगा और चर्चा करूंगा.
सूत्रों के अनुसार कार्यमंत्रणा समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में कुमारस्वामी ने बुधवार को विश्वास मत हासिल करने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि, कोई निर्णय नहीं लिया गया था, क्योंकि मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने बैठक में भाग नहीं लिया था.

कांग्रेस ने रामलिंगा रेड्डी को मनाने के प्रयास तेज किए
कांग्रेस ने एक और बागी विधायक रामलिंगा रेड्डी को वापस पार्टी के खेमे में लाने के लिए रविवार को उन्हें मनाने के प्रयास तेज कर दिए. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि रामलिंगा रेड्डी के आवास के लिए पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर खंड्रे और एच. के पाटिल रवाना हो गए हैं. रेड्डी के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने चुप्पी साध रखी है और वह उन्हें मनाने के पार्टी के प्रयासों पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं. वह इस्तीफा दे चुके विधायकों में शामिल हैं.

पूरा विश्वास है कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे
शनिवार को यलहंका के विधायक एस आर विश्वनाथ और पद्मनाभ रेड्डी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं की एक टीम ने रेड्डी के निवास पर उनसे मुलाकात की थी. पार्टी प्रवक्ता सुभाष अग्रवाल ने कहा, रामलिंगा रेड्डी कभी मुंबई नहीं गए हैं, न ही उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया है जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाए. उन्हें मनाने की जिम्मेदारी हमारी है. हमें पूरा विश्वास है कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे.

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