मुंबई: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यमंत्री चेहरे देवेंद्र फड़णवीस ने दावा किया है कि वह अगले पांच वर्षो तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. उनके इस बयान पर शिवसेना व भाजपा के नाजुक चल रहा संबंध और बिगड़ने की संभावना है. शिवसेना के ’50-50 फार्मूला’ का करार चुनाव से पहले होने के दावों को खारिज करते हुए फड़णवीस ने संवाददाताओं से कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बनेगी. लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन की औपचारिकता की गई थी, उस समय शिवसेना से ढाई साल मुख्यमंत्री का पद उसके पास रहने का वादा नहीं किया गया था.”

इस बीच शिवसेना ने लिखित आश्वासन की मांग की है कि उन्हें ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद दिया जाए. फड़णवीस का बयान संजय राउत के भाजपा पर हमले के बाद आया है. उन्होंने मंगलवार को कहा, “यहां कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिनके पिता जेल में हैं. हम महाराष्ट्र में सच्चाई की राजनीति करते हैं. अगर कोई हमें सत्ता से दूर रखने की कोशिश करता है, तो इसे सच्चाई की राजनीति नहीं कहा जाता है. हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है.”

यह एक स्पष्ट संदर्भ था कि जिस तरह भाजपा ने हरियाणा में सरकार बनाई है, वैसा यहां नहीं होगा. वहां पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े से छह सीट पीछे रह गई थी, लेकिन भाजपा ने दुष्यंत चौटाला की मदद से सरकार बनाई. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और दुष्यंत द्वारा दिल्ली में गठबंधन की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद भ्रष्टाचार के मामले में तिहाड़ जेल में बंद दुष्यंत के पिता अजय चौटाला को 14 दिन की फरलो पर रिहा कर दिया गया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मीडियाकर्मी से कहा, “हमारा अभी तक शिवसेना की ओर से कोई संवाद स्थापित नहीं हुआ है. अगर यह होता है, तो हम इस मामले को निर्णय करने के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे.” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पहले ही विपक्ष में बैठने की बात कह चुकी है. फड़णवीस के दावे ने फिलहाल दोनों भगवा दलों के बीच उलझन पैदा कर दी है.

(इनपुट आईएएनएस)