बेंगलुरु. अभिनेता प्रकाश राज ने शुक्रवार को कहा कि वह कभी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियां ईमानदार नहीं हैं. अभिनेता ने कहा कि उन्होंने बेंगलुरू-मध्य लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है क्योंकि “मैं किसी भी पार्टी में तीन महीने से ज्यादा नहीं रह सकता.” उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं लोगों की आवाज बनना चाहता हूं.’ समीक्षकों द्वारा प्रशंसित अभिनेता पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की पांच सितंबर, 2017 में हुई हत्या के बाद से राजनीतिक रूप से मुखर हैं. उन्होंने एक पखवाड़े पहले ही राजनीति में अपने पदार्पण की घोषणा की थी.

अभिनेता से जब यह पूछा गया कि वह राजनीति में गुस्से के साथ आए हैं और क्या यह गुस्सा उन्हें फायदा पहुंचाएगा तो तो उन्होंने कहा, ‘‘बेईमान लोगों के खिलाफ गुस्सा होना ही चाहिए.’ अपने भाजपा विरोधी रुख को लेकर चर्चित राज ने भगवा दल द्वारा कथित रूप से राज्य में कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार को हटाने के मौजूदा घटनाक्रम से दूरी बनाए रखी. राज ने कहा, ‘‘चुनाव (मई में विधानसभा चुनाव) के समय से ही मुझे पता था कि मुझे किसका विरोध करना है, लेकिन मैं किसी का समर्थन नहीं करता. मुझे उनके झगड़े से कुछ लेना-देना नहीं है.’ हालांकि भाजपा द्वारा कथित तौर पर गठबंधन सरकार को हटाने को लेकर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘भाजपा बेशर्म लोगों का एक झुंड है.’

प्रकाश राज ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘ये लोग खुद को ‘गौ भक्त’ कहते हैं, लेकिन गौ पूजा के लिए महत्वपूर्ण त्योहार (मकर संक्रांति) पर ये लोग घर में होने के बजाय दिल्ली के रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे.’ एक सवाल के जवाब में राज ने कहा कि वह ‘महागठबंधन’ में शामिल होने के खिलाफ नहीं हैं. बेंगलुरू मध्य सीट से चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि वह इसी क्षेत्र में पले बढ़े और यहां के मतदाता धर्मनिरपेक्ष प्रवृत्ति के हैं. इस लोकसभा सीट से वर्तमान में भाजपा के पीसी मोहन सांसद हैं. मीडिया के साथ बातचीत के दौरान प्रकाश राज ने राम मंदिर मुद्दे पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर निर्माण को लेकर दिल्ली और लखनऊ के एसी कमरों में राजनीति की जा रही है. मैं मीडिया को चुनौती देता हूं कि वह अयोध्या जाए और देखे कि किस तरह लोग वहां गलियों में रह रहे हैं. क्या यही राम-राज्य है?’