ईटानगर: एक रक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि भारतीय वायु सेना, सेना और अरुणाचल प्रदेश के नागरिक प्रशासन ने एएन-32 विमान के दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए बुधवार को बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू किया है. डिफेंस पीआरओ विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने कहा, “हेलीकॉप्टरों द्वारा दुर्घटना स्थल पर टीमों को भेजने के साथ बचाव अभियान शुरू हो गया है. इस अभियान में सेना के एमआई-17 और एएलएच का उपयोग कया जा रहा है.” Also Read - Sarkari Naukri: IAF AFCAT Recruitment 2021: भारतीय वायु सेना ने आज से ऑफिसर भर्ती के लिए शुरू किया आवेदन प्रोसेस, जल्द करें अप्लाई  

जिस स्थान पर भारतीय वायु सेना के विमान एएन-32 का मलबा देखा गया है, वह लिपो के उत्तर में 16 किलोमीटर दूर स्थित है और शि योमी जिले के पयूम क्षेत्र के अंतर्गत गैट्टे से लगभग 12 से 15 किलोमीटर दूर पश्चिम में स्थित है. मलबा मंगलवार दोपहर को देखा गया जब भारतीय वायुसेना, सेना और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमों ने क्षेत्र में हवाई सर्वे किया. Also Read - Sarkari Naukri: Indian Air Force Recruitment 2020 Rally: IAF में ग्रुप X, Y के लिए अप्लाई करने का है आज आखिरी डेट, जल्द करें आवेदन


शि योमी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ग्राउंड पार्टियों को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है. इस क्षेत्र में काफी पेड़-पौधे हैं और दुर्गम इलाके में अक्सर जमीनी खोज दल को आगे बढ़ने में मुश्किलें आती हैं.” हालांकि वायुसेना ने मलबे को ढूंढ़ लिया है, लेकिन विमान में सवार 13 लोगों के बारे में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है, जिन्होंने तीन जून को अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी.