नई दिल्ली| सैन्य रणनीति में बदलाव पर जोर देते हुए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने पाकिस्तान के साथ 10दिवसीय युद्ध के लिए युद्ध की तत्परता बनाए रखने के लिए कहा है. साथ ही चीन के साथ 15दिवसीय संघर्ष के लिए भी तैयार होने के लिए कहा गया है.Also Read - अफगानिस्तान को लेकर ‘ट्रोइका’ बैठक करने जा रहा रूस, भारत को नहीं किया आमंत्रित; पाक, चीन हो सकते हैं शामिल

नई दिल्ली में 19-21 अप्रैल के दौरान आईएएफ कमांडरों के सम्मेलन के दौरान जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे. एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने आईएएफ के कमांडरों को कम अवधि के लिए लेकिन तेज गति वाले युद्ध के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. Also Read - पाकिस्तान में उपद्रवियों की भीड़ ने हिंदू मंदिर पर किया हमला, आग लगाई, मूर्तियां तोड़ीं

पाकिस्तान के साथ 10 दिन चीन के साथ 15 दिन तक तेज युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है जिससे की सैन्य क्रिया को और प्रभावशाली बनाया जा सके. डायरेक्टरेट ऑफ एयर स्टाफ इंस्पेक्शन (डीएएसआई) को तैयारी की जांच करने के लिए कहा गया जिससे कि ऑपरेशनल यूनिट, एयरक्राफ्ट, मिसाइल, राडार सिस्टम की तैयारी का जायजा लिया जा सके. Also Read - अफगानिस्तान में शांति से पाकिस्तान को होगा सबसे अधिक लाभ: अमेरिका

डीएएसआई भारतीय वायुसेना की निरीक्षण इकाई है जो पायलटों और स्क्वाड्रनों के तैयारी की जांच करते हैं कि आईएएफ युद्धकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कितना तैयार है.

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत और उसके पड़ोसी के बीच भविष्य में युद्ध नहीं हो सकता. परमाणु हमलों से युद्ध की संभावना और बढ़ी है. नतीजतन भारतीय वायु सेना की भूमिका में भी तेजी से बदलाव हुआ है.

ब्रह्मोस मिसाइल, तेज लड़ाकू विमान सुखोई-30, मिग-29 और मिराज-2000 के शामिल होने से सेना की ताकत भी बढ़ी है. भारतीय वायुसेना सैनिकों और विमानों के मामले में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है.