नई दिल्‍ली: इंडियन एयरफोर्स के चीफ एयर मार्शल बीएस धनोआ ने रिटायरमेंट से पूर्व अपनी अंतिम उड़ान जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भरी. चीफ एयर मार्शल धनोआ और विंग कमांडर अभिनंदन के चेहरे पर इस दौरान जबरदस्‍त उत्‍साह दिखाई दे रहा था. सोमवार को चीफ एयर मार्शल बीएस धनोआ और विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पठानकोट एयरफोर्स स्‍टेशन से मिग-21 ट्रेनर में उड़ान भरी.

ये वीडियो है वायु सेना प्रमुख के रिटायरमेंट के सबसे आखिरी की उड़ान का है. चीफ एयर मार्शल धनोआ और विंग कमांडर अभिनंदन ने सुबह 11:30 बजे एक 30 मिनट की उड़ान भरी. उन्‍होंने मिग-21 के ट्रेनर वर्जन के टाइप 69 फाइटर एयरक्राफ्ट से उड़ान भरी.

वायुसेना प्रमुख धनोआ ने कहा, यह मेरे लिए खुशी कि अभिनंदन के साथ उड़ान भरी क्‍योंकि उन्‍हें दोबारा फ्लाइंग कैटेगरे मिली, जो सभी पायलट आगे यही चाहते हैं. मैं भी 1988 में इजेक्‍ट किया था. इसमें मुझे 9 महीने लगे थे अपनी कैटेगरी पाने में. वह छह महीने से कम में ही वापस आ गए.

चीफ एयर मार्शल धनोआ ने कहा, हममें दो चीजें कॉमन है- पहली, हम दोनों ने इजेक्‍ट किया और हम दोनों पाकिस्‍तानियों से लड़े. मैं कारगिल में लड़ा, वह (विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान) बालाकोट के बाद लड़े. तीसरी बात ये मैं उनके पिता के साथ उड़ान भर चुका हूं. यह मेरे लिए सम्‍मान की बात है कि आज इंडियन एयरफोर्स में मेरी ये आखिरी उड़ान है.

27 फरवरी को एयर स्‍ट्राइक के दौरान वायुसेना के 36 वर्षीय पायलट अभिनंदन के विमान मिग-21 के गिरने के बाद उन्हें पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था. अपना मिग-21 गिरने से पहले अभिनंदन ने पाकिस्तान के एडवांस फाइटर प्‍लेन एफ-16 को मार गिराया था. अभिनंदन को एक मार्च को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था, लेकिन विमान से कूदने के दौरान उन्हें लगी चोट की वजह से उन्हें लगभग छह महीने के लिए विमान उड़ाने की जिम्मेदारी से दूर रखा गया.

हवाई लड़ाई के दौरान पाकिस्तान का विमान मार गिराने के चलते उन्हें युद्धकाल के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया. देश का शीर्ष वीरता पुरस्कार ‘परमवीर चक्र’ और द्वितीय शीर्ष वीरता पुरस्कार ‘महावीर चक्र’ है.