मुंबई: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने शुक्रवार को राष्ट्रीय नेतृत्व को फरवरी में सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान के कब्जे से विंग कमांडर अभिनंदन को रिकॉर्ड समय में छुड़ाने का श्रेय दिया. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के साथ किसी भी सैन्य टकराव के लिए तैयार हैं, लेकिन इसका निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व को करना है.

इस साल 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के पायलट 36 वर्षीय विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था. उससे पहले पाकिस्तानी जेटों के साथ झड़प के दौरान पाकिस्तान ने उनके मिग -21 बिसन को मार गिराया था. एक दिन पहले ही भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के काफी भीतर बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमला किया था.

अपने जेट पर प्रहार होने से पहले विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया था. अभिनंदन को पाकिस्तान ने एक मार्च की रात को रिहा कर दिया था. धनोआ ने एक न्‍यूज मैगजीन के सम्मेलन कहा कि वह अभिनंदन को बचपन से जानते हैं क्योंकि वह उनके पिता के साथ काम कर चुके हैं जो वायुसेना के पूर्व कर्मी हैं.

धनोआ ने कहा, कारगिल में हम फ्लाइट कमांडर अजय आहूजा को गंवा बैठे थे. वह (अपने जेट से) निकले थे, लेकिन जब वह (सीमापार पाकिस्तान में) उतरे तो उन्हें गोली मार दी गई थी… यही मेरे दिमाग में चल रहा था. उन्होंने कहा, ”मैंने अभिनंदन के पिता से कहा कि हम आहूजा को वापस नहीं ला सके, लेकिन अभिनंदन को जरूर लाएंगे. लेकिन इसका श्रेय राष्ट्रीय नेतृत्व को जाता है कि हम रिकॉर्ड समय में अभिनंदन को ला सके.

जब उनसे हाल ही विंग कमांडर अभिनंदन के साथ उनकी उड़ान के बारे में पूछा गया तो धनोआ ने कहा, वर्दी उतारने (सेवानिवृत होने) से पहले मैं एक उड़ान भरना चाहता था. अभिनंदन को चिकित्सकों ने अनुमति दे दी थी. वह पीछे बैठ गए और मैं आगे की सीट पर. वायुसेना प्रमुख धनोआ इसी महीने के अंत में सेवानिवृत होने वाले हैं.

पाकिस्तान द्वारा अभिनंदन को पकड़ लिए जाने को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान इन पायलट का व्यवहार असाधारण था. उन्होंने कहा, कुछ वीडियो में उसे आंखों पर पट्टी बांधे हुए दिखाया गया. हमें मालूम था कि आहूजा नहीं लौट पाए. अभिनंदन का व्यवहार, हाव-भाव और जिस दृढ़ता के साथ वह बोल रहे थे, ये सारी चीजें उनकी सैन्य क्षमता को बयां कर रही थीं.

अभिनंदन के विमान से पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराए जाने को लेकर उत्पन्न विवाद के बारे में एक सवाल के जवाब में वायुसेना प्रमुख ने कहा, दुर्भाग्य से अभिनंदन का विमान नहीं लौट सका. उन्होंने कहा, हमें (पाकिस्तानी विमान को) मार गिराए जाने का वीडियो मिल गया होता. लेकिन अपनी बात के पक्ष में हमने रडार तस्वीर पेश की और यह कि जब अभिनंदन करीब थे, उसी दौरान ट्रैक गायब हो गया.

पाकिस्तान द्वारा घटना (एफ-16 का गिराया जाना) से बिल्कुल ही नकारे जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने करगिल में अपने लोगों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. सेना पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ शवों को दफनाया था.

धनोआ ने कहा कि शीघ्र ही वायुसेना के बेड़े में शामिल होने जा रहे राफेल लड़ाकू जेट विमान पासा पलटने वाले साबित होंगे. उन्होंने कहा कि ये फ्रांसीसी जेट वैमानिकी, हथियार, मिसाइल, और डाटा मेल के संदर्भ में आधी पीढ़ी आगे हैं.

जब उनसे भारत के साथ परमाणु युद्ध और सैन्य टकराव के संबंध में पाकिस्तान के हाल के बयानों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, भारतीय वायुसेना सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है. स्थिति कैसे आगे बढ़ती है, इस पर राजनीतिक नेतृत्व को निर्णय लेना है.

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा, जब मार्च, 2017 में मैंने (वायुसेना प्रमख) की कमान संभाली थी, तब मैंने अपने अधिकारियों को लिखा था कि यदि दूसरा पक्ष फैसला करता है तो संक्षिप्त अंतराल में हमें लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए. यह उनके लोगों के लिए पुरानी राग अलापने के समान है. लेकिन हमें मालूम है कि उनकी क्षमता क्या है. यह दो मोर्चों की लड़ाई नहीं है.