इटानगर/नई दिल्ली. वायु सेना के लापता परिवहन विमान (IAF Aircraft AN-32) की तलाश अब भी जारी है. सोमवार को लापता हुए विमान की तलाश लगातार जारी है, लेकिन यह कहां खो गया, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है. इस बीच AN-32 विमान में सवार हरियाणा निवासी आशीष तंवर की मां ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द विमान की खोज की जाए, ताकि उनका बेटा घर लौट सके. आशीष की मां ने गृह मंत्रालय से मांग की है कि 4 दिन बाद भी लापता विमान का पता न चलना गंभीर मामला है. सरकार को इसकी गहन जांच करनी चाहिए. Also Read - Indian Air Force Recruitment 2021: भारतीय वायुसेना में 10वीं, 12वीं पास के लिए नौकरी करने का गोल्डन चांस, इस Direct Link से जल्द करें आवेदन

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रूस में बने वायुसेना के एएन-32 विमान का असम में जोरहाट से रवाना होने के बाद सोमवार दोपहर संपर्क टूट गया था. यह विमान चीन से लगी सीमा के पास मेंचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए निकला था. विमान की खोज में बुधवार को लगातार तीसरे दिन अभियान जारी रहा, लेकिन अब तक इसका पता नहीं चल पाया है. अनुकूल मौसम नहीं रहने के बावजूद अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले में सुदूरवर्ती मेंचुका पर्वत पर अभियान चलाया गया. वायु सेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने बताया कि जंगल, दुर्गम घाटी और इलाके में खराब मौसम के बावजूद खोज और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. Also Read - Indian Air Force AFCAT Admit Card 2021 Released: भारतीय वायुसेना ने जारी किया AFCAT 2021 का Admit Card, ये है डाउनलोड करने का Direct Link

एयरफोर्स के लापता एएन-32 विमान की तलाशी का बड़ा अभियान जारी, इसरो के सेटेलाइट की ले रहे मदद

वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि हवाई सेंसर से मिली अहम सूचनाओं का गहन आकलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘दिन में मौसम के कारण वायु सेना और सेना के हेलिकॉप्टरों से चलाए जा रहे खोज अभियान पर असर पड़ा. हालांकि, थल सेना और नौसेना, पुलिस और प्रशासन की सहायता के कारण जमीन पर दलों का काम रात भर चलता रहेगा.’’ वायु सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि लापता विमान की तलाश के अभियान में तीसरे दिन दो सुखोई-30 विमानों को भी लगाया गया. इसके अलावा सी-130 जे और एएन 32 विमानों और दो मिग-17 तथा एएलएच के दो हेलिकॉप्टरों की भी सेवाएं ली जा रही हैं.

सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस और राज्य पुलिस के कर्मी भी जमीन पर अभियान में जुटे हुए हैं. सैन्य सूत्रों ने बताया कि बचाव कर्मियों को लापता विमान में आपात लोकेटर बीकन से कोई सिग्नल नहीं मिला है. ऐसी आशंका है कि उपकरण शायद काम नहीं कर रहा होगा. उन्होंने बताया कि लापता हुआ विमान नवीनतम वैमानिकी और रडारों के साथ अद्यतन नहीं हुआ था, हालांकि कुछ ए एन-32 विमानों में अत्याधुनिक प्रणाली है. वायु सेना के अधिकारियों ने बताया कि विमान की तलाश में जुटे बचावकर्मियों की मदद के लिए इसरो के कार्टोसेट और रिसैट उपग्रहों से मेंचुका के आसपास के इलाके की तस्वीरें ली जा रही है.

इंडियन एयरफोर्स का AN-32 एयरक्राफ्ट चीनी सीमा के पास लापता, 13 लोग सवार थे

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वायुसेना की तरफ से यह भी बताया गया कि जहां यह विमान लापता हुआ है, वह इलाका जंगल से घिरा हुआ है. भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि जंगल और दुर्गम घाटी होने के कारण बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण है. इसके बावजूद सैन्यकर्मी इस विमान को ढूंढने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वायु सेना विमान पर सवार कर्मियों के परिवारों को बचाव अभियान के बारे में लगातार जानकारी दे रही है. वायुसेना ने सोमवार को कहा था कि मेंचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए जोरहाट से इस विमान ने दिन में 12 बजकर 27 मिनट पर उड़ान भरी थी और एक बजे इससे आखिरी बार संपर्क हुआ था.

(इनपुट – एजेंसी)