नई दिल्ली: वायुसेना मुख्यालय में तैनात एक ग्रुप कैप्टन को कथित तौर पर जासूसी में संलिप्त रहने और संवेदनशील दस्तोवेजों को हासिल करने के प्रयास को लेकर सेना ने हिरासत में लिया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या अधिकारी हनीट्रैप का शिकार बने हैं. Also Read - फ्रांस के साथ युद्धाभ्यास में भारत की ओर से शामिल होंगे Rafale, सुखोई और मिराज-2000

सूत्रों ने बताया कि अधिकारी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से कुछ ‘‘अवांछित गतिविधियों’’ में संलिप्त थे. ये उपकरण प्रतिबंधित हैं. Also Read - Indian Air Force Airmen Recruitment 2021: 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए भारतीय वायुसेना में निकली वैकेंसी, इस दिन से करें आवेदन

संभवत: सोशल मीडिया के माध्यम से वह एक महिला के संपर्क में थे जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. Also Read - 83 तेजस बढ़ाएंगे भारत की ताकत, Indian Air Force के इस फाइटर जेट की 12 व‍िशेषताएं जानें यहां

सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायुसेना की केंद्रीय सुरक्षा और जांच की एक टीम ने अधिकारी को हिरासत में लिया और वर्तमान में उनसे पूछताछ चल रही है.

सूत्रों ने कहा कि नियमित खुफिया निगरानी के दौरान अधिकारी की ‘‘अवांछित’’ गतिविधियों का पता चला. उन्होंने बताया कि अधिकारी संवेदनशील दस्तावेजों को हासिल करने का प्रयास कर रहे थे.

वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. सूत्रों ने कहा कि अधिकारी की पहचान गुप्त रखी गई है क्योंकि मामले की जांच जारी है. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या अधिकारी ने संवेदनशील सूचनाएं किसी को भेजी तो नहीं हैं.