नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लड़ाकू विमान से दागे जा सकने वाले प्रारूप का शुक्रवार को सफल परीक्षण किया. इसे एक सुखोई एमकेआई-30 विमान से बंगाल की खाड़ी में दागा गया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. खास बात ये है कि सुखोई एमकेआई-30 विमान ने करीब तीन घंटे की उड़ान के बाद यह मिसाइल दागी और मिसाइल दागे जाने से पहले आकाश में ही जंगी जहाज में ईंधन भरा गया.Also Read - Highlights IND vs SA 3rd ODI: जीतते-जीतते हार गया भारत, साउथ अफ्रीका ने 3-0 से किया क्‍लीन स्‍वीप

इस टेस्‍ट में मिसाइल ने पूरी सटीकता के साथ एक डूबते जहाज को निशाना बनाया और परीक्षण में वांछित नतीजे हासिल किए गए. Also Read - विराट कोहली को कप्तानी से हटाने की वजह से भारतीय क्रिकेट 'Dead End' पर आ गया है: राशिद लतीफ

सूत्रों ने बताया कि विमान तंजौर स्थित टाइगरशार्क्स स्कवाड्रन का था. विमान ने पंजाब में एक एयरबेस से उड़ान भरी और मिसाइल दागे जाने से पहले आसमान में ही विमान में ईंधन भरा गया. Also Read - IND vs SA, 3rd ODI: सीरीज में Ravichandran Ashwin बुरी तरह फ्लॉप, टीम में चयन से खफा Sanjay Manjrekar

वहीं, बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना के गाइडेड मिसाइल कोर्वेट INS कोरा द्वारा एंटी-शिप मिसाइल (ASHM) द्वारा दागे गए लक्ष्य को निशाना बनाया.

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ भारत का गतिरोध जारी रहने के बीच यह परीक्षण किया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि सुखोई एमकेआई-30 विमान ने करीब तीन घंटे की यात्रा की, जिसके बाद यह मिसाइल दागी गई.