IAS Cader Rules Amendment: केंद्र सरकार जल्द ही IAS (Cadre) Rules 1954 में संशोधन करने जा रही है. नियमों में इस संसोधन के बाद IAS अफसरों का तबादला करने की शक्ति केंद्र सरकार के पास आ जाएगी. साधारण शब्दों में कहें तो केंद्र सरकार IAS कैडर नियमों ममें जो बदलाव लाने जा रही है उसका सार यही है. केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे इन संशोधनों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) आपत्ति जता रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को इस संबंध में चिट्ठी भी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि ऐसा करने से देश के संघीय ढांते और संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचेगा.Also Read - जापान जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, QUAD समिट में लेंगे हिस्सा, PM मोदी से भी करेंगे मुलाकात | Watch video

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) भी इस पर चिंता जता रहे हैं. उमर अब्दुल्ला ने कहा, केंद्र सरकार का यह फैसला संघीय ढांचे के ताबूत में एक और कील साबित होगा. ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला को केंद्र के इस फैसले के खिलाफ कुछ अन्य नेताओं और आईएएस अफसरों से भी समर्थन मिल रहा है. Also Read - PM मोदी ने स्वदेशी निर्मित 5G टेस्टबेड राष्ट्र को किया समर्पित, राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा भी रहे मौजूद

खबर है कि केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र में इस संसोधन बिल को लाने जा रही है. इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यदि IAS काडर नियमों में सशोधन का यह बिल पास हो जाता है तो केंद्र को ऐसी शक्ति मिल जाएगी, जिसके बूते वह राज्य सरकार की अनुमति के बिना और आपत्तियों को दरकिनार करते करते हुए किसी भी आईएएस अफसर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में तैनाती दे सकती है. Also Read - क्या अब लखनऊ का नाम बदलेगा? CM योगी के एक ट्वीट के बाद चर्चाओं ने पकड़ा जोर

मौजूदा IAS Cadre नियम क्या हैं?

IAS Cadre नियम 1954 के अनुसार अफसरों को की भर्ती केंद्र सरकार करती है. इसके बाद जब उन्हें उनके राज्य के कैडर आवंटित कर दिए जाते हैं तो इसके बाद वह अफसर उस राज्य के अधीन आते हैं.

1954 के नियमों के मुताबिक जिस राज्य का कैडर दिया गया है उस राज्य और केंद्र सरकार की सहमति से ही किसी अफसर को केंद्र सरकार या किसी दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति मिल सकती है.

यदि प्रतिनियुक्ती में राज्य और केंद्र सरकार में आपस में किसी तरह की असहमति होती है, तो अंतिम फैसला केंद्र सरकार का ही माना जाता है और राज्य सरकार को इस फैसले को मानना होता है.

IAS Cadre नियम में क्या बदलाव कर रही सरकार

केंद्र सरकार जनहित का हवाला देकर अफसर को केंद्र में पोस्ट कर सकती है. जिस राज्य के कैडर से वह अफसर संबंध रखता है उस राज्य को तय समय-सीमा के भीतर केंद्र के फैसले को लागू करना होगा.

संसोधन में यह भी प्रस्ताव है कि यदि कोई राज्य सरकार समय पर केंद्र के फैसले को लागू नहीं करती और उक्त अधिकारी को उसकी राज्य की सेवाओं से मुक्त नहीं करती है तो केंद्र सरकार की ओर से तय तारीख से ही अधिकारी को अपने राज्य के कैडर से मुक्त मान लिया जाएगा.