चंडीगढ़: फिर से तबादले से परेशान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाख खट्टर को पत्र लिखकर कहा है कि ‘दब्बू’ अधिकारी तो फलते-फूलते हैं जबकि ईमानदार को मामूली भूमिकाएं दी जाती हैं. तीन दशक में खेमका का यह 53 वां तबादला है.

वर्ष 1991 बैच के अधिकारी ने खट्टर से उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने देने की अनुमति देने को कहा है. हरियाणा सरकार ने पिछले महीने खेमका का तबादला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से अभिलेखागार विभाग में कर दिया था.

खेमका ने लिखा है, ‘‘ दब्बू और भ्रष्ट अधिकारी सक्रिय सेवा के दौरान खूब फलते-फूलते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें पुरस्कार दे दिया जाता है जबकि ईमानदार को छोटे और मामूली काम सौंपे जाते हैं जो निचली रैंक के लिए उपयुक्त होते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भ्रष्ट को तब तक कठघरे में खड़ा नहीं किया जाता है जब तक वे शासकों के हितों पर प्रहार न करें.’’ खेमका ने कहा , ‘‘ शासन अब सेवा नहीं , बल्कि कारोबार बन गया है.’’ उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ केवल मुझ जैसे बेवकूफ ही जनता के विश्वास के बारे में सोचेंगे और भरोसेमंद के रूप में काम करेंगे. उम्मीद के विपरीत उम्मीद करता हूं कि आप इस पत्र को कूड़ेदान में नहीं फेंकेंगे.’’

अपने पत्र में खेमका ने याद दिलाया कि भाजपा ने 2014 के चुनाव के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान के भूमि सौदों में कथित अनियमितताओं को एक बड़ा मुद्दा बनाया था लेकिन उसे अब वह भूल गयी है.

(इनपुट भाषा)