नई दिल्ली/रायपुर. इस साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस तैयारी में लग गए हैं. इसी बीच राज्य के चर्चित आईएएस अफसर और रायुपर के कलेक्टर ओपी चौधरी (37) बीजेपी से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. ओपी चौधरी साल 2005 बैच के आईएएस अफसर हैं.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सूत्रों से जानकारी मिली है कि ओपी चौधरी के बीजेपी ज्वाइन करने के लिए पिछले कई दिनों से बातचीत का दौर चल रहा है. बताया जा रहा है कि कई चरणों की बातचीत के बाद चौधरी जल्द ही बीजेपी ज्वाइन करेंगे. ये भी कहा जा रहा है कि वह अपने गृह जिले रायगढ़ से विधानसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं.

किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं ओपी चौधरी
ओपी चौधरी रायगढ़ के बयांग गांव से एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इस जिले में प्रभावशाली अघरिया कम्युनिटी से आते हैं और वहां के लोगों के लिए वह रोल मॉडल के तौर पर देखे जाते हैं. ऐसे में बीजेपी उनकी इस लोकप्रियता को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है. चौधरी के पार्टी ज्वाइन करने से एक तरफ कम्युनिटी के लोगों का पार्टी के प्रति झुकाव बढ़ेगा और दूसरा युवाओं में एक बेहतर संदेश जाएगा. साथ ही पार्टी विकास के एजेंडे को जनता के बीच रख पाएगी. कांग्रेस प्रवक्ता शैलेस त्रिवेदी ने कहा, बीजेपी ब्यूरोक्रेट्स का इस्तेमाल कर रही है. अब वह उन्हें राजनीति में भी आने का आमंत्रण दे रही है. ऐसे में चुनावी मैदान में हम उनसे संघर्ष करने के लिए तैयार हैं. कांग्रेस उनके खिलाफ लड़ेगी और हराएगी.

मनमोहन सिंह ओपी चौधरी को सम्मानित करते हुए

मनमोहन सिंह ओपी चौधरी को सम्मानित करते हुए

एजुकेशन सिटी बनाने का श्रेय
चौधरी को नक्सलबाहुल इलाके दंतेवाड़ा में ‘एजुकेशन सिटी’ बनाने का श्रेय जाता है. जब वह वहां के कलेक्टर थे तो उन्होंने शिक्षा के लिए काफी काम किया था. इसके बाद उन्हें सार्वजनिक प्रशासन में शानदार काम के लिए प्रधानमंत्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था. रायपुर में उन्होंने नालंदा परिसर का नेतृत्व करते हुए उसे राज्य का पहला 24*7 लर्निंग सेंटर बनाया था. यह भी अपने तरह का एक अलग ही प्रयास था.

नन्हें परिंदे प्रोग्राम चलाया
ओपी चौधरी लगभग 22 साल की उम्र में आईएएस बन गए थे. आईएएस चौधरी ने नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में आदिवासी इलाके के बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए ‘नन्हें परिंदे’ नाम की योजना शुरू की. इस योजना के तहत बच्चों को इन संस्थानों की प्रवेश-परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है.

बच्चों के साथ ओपी चौधरी

बच्चों के साथ ओपी चौधरी

विज्ञान पढ़ाने के लिए किया प्रयास
उन्होंने बच्‍चों को विज्ञान की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया है. विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चौधरी ने एक योजना शुरू की, जिसे उन्होंने ‘छू आसमान’ नाम दिया. इसके तहत 11वीं-12वीं के छात्रों के लिए आईआईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग की व्यवस्था की गई.

बीजेपी-कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस मामले में बीजेपी नेता सचिदानंद उपासने ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, उन्हें इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. लेकिन, अगर कोई ज्वाइन करना चाहता है तो हम उसका स्वागत करेंगे. वहीं, व्यक्तिगत तौर पर कई बीजेपी नेताओं ने कहा है कि चौधरी पार्टी ज्वाइन करेंगे और पार्टी उन्हें यूथ आइकन के तौर पर परेश करेगी. हालांकि, इस मामले में चौधरी का कोई जवाब नहीं आया है.