नई दिल्‍ली: हरियाणा सरकार में सामाजिक अधिकारिता विभाग में तैनात अतिरिक्‍त निदेशक पर चंडीगढ़ में तैनात एक महिला आईएएस अधिकारी रानी नागर ने अपनी जान का खतरा बताते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पद से इस्‍तीफा दे दिया है. Also Read - दिल्ली के सभी बॉर्डर सील, एंट्री के लिए आपके पास होना चाहिए यह पास

उत्‍तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर की मूल निवासी रानी नागर ने कुछ अधिकारियों के खिलाफ पहले से एक कोर्ट में मामला दर्ज करवा रखा था. महिला अफसर ने अपने इस्‍तीफे के जानकारी आज सोमवार को फेसबुक पोस्‍ट के जरिए सोशल मीडिया में दी है. Also Read - वर्क फ्रॉम होम: 'बॉस' रात में करते हैं VIDEO CALL, कम कपड़ों में करते हैं मीटिंग, परेशान हैं महिलाएं

महिला आईएएस अधिकारी रानी नागर ने अपनी पोस्‍ट में लिखा है, मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मैंने आज दिनांक 04 मई 2020 को आई. ए. एस. के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. मैं व मेरी बहन रीमा नागर माननीय सरकार से अनुमति लेकर चंडीगढ से अपने पैतृक शहर ग़ाज़ियाबाद वापस जा रहे हैं. हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे. Also Read - सऊदी अरब ने फिर से खोलीं 90 हजार मस्जिदें, मक्का अब भी बंद

एक मई को एफबी पोस्‍ट में आईएएस महिला अफसर ने लिखा था, मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को यह भी सूचित करना चाहती हूँ कि मैंने माननीय उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय चंडीगढ प्रशासन को भी लिखित में ई-मेल के माध्यम से प्रार्थना-पत्र जमा किये हैं. मैंने यह प्रार्थना-पत्रों में माननीय उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय चंडीगढ प्रशासन से अनुरोध किया है कि मैं रानी नागर व मेरी बहिन रीमा नागर को चंडीगढ से ग़ाज़ियाबाद पहुंचने के लिए आवश्यक पास जारी किए जाएं, जिससे मैं रानी नागर व मेरी बहिन रीमा नागर चंडीगढ से ग़ाज़ियाबाद पहुँच सकें. हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे.

30 अप्रैल को फेसबुक पोस्‍ट ने आईएएस अधिकारी रानी नागर ने लिखा था, मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गाँव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मैंने माननीय हरियाणा सरकार को ई-मेल के माध्यम से प्रार्थना-पत्र लिखकर यह अनुमति माँगी है कि कृपया मुझे रानी नागर व मेरी बहिन रीमा नागर को चंडीगढ से ग़ाज़ियाबाद गाड़ी से पहुंचने के लिए पास जारी किया जाए. मैं गाड़ी का किराया सरकार को दे दूंगी. लाक्डाऊन के कारण पब्लिक यातायात उपलब्ध नहीं है. इसके अतिरिक्त मैं आप सभी को सत्य से अवगत कराना चाहती हूं कि अभी तक हमें कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवायी गई है. हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे.