नई दिल्ली: केंद्र सरकार Government ने पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर Manohar Parrikar की ‘प्रतिबद्धता और विरासत’ के सम्मान में सरकारी थिंक टैंक रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (आईडीएसए) का नाम बदलकर मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses कर दिया है. Also Read - दिल्‍ली में Coronavirus संक्रमण के 20 हॉटस्‍पॉट सील, आना-जाना बैन, मास्‍क लगाना जरूरी

बता दें कि मनोहर पर्रिकर 9 मार्च, 2014 से लेकर 14 मार्च, 2017 तक रक्षा मंत्री रहे थे. पिछले साल 17 मार्च को कैंसर से उनका निधन हो गया. Also Read - Coronavirus: दिल्‍ली पुलिस ने लगाए शबे-ए-बारात के ऐसे पोस्‍टर, कहा- घरों से बाहर न आएं

मंगलवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने पठानकोट और ऊरी जैसे हमलों की कठिन चुनौती के दौर में रक्षा मंत्रालय का नेतृत्व किया और अनुकरणीय साहस के साथ उनका (चुनौतियों का) जवाब दिया.’’ Also Read - Coronavirus: Coronavirus: तबलीगी जमात इवेंट से लौटा, परिवार के 8 सदस्‍य संक्रमित हुए

बयान में कहा गया है, ”अपने पूरे करियर के दौरान सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और समर्पण के प्रतीक दिवंगत मनोहर पर्रिकर ने जुझारूपन दिखाया और बड़ी निर्भीकता से विषम स्थितियों से टक्कर ली.”

बयान के अनुसार, जब पर्रिकर रक्षा मंत्री थे, तब भारत में कई निर्णय लिए गए, जिनसे ‘देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ी, स्वदेशी रक्षा उत्पादन में तेजी आई और पूर्व सैनिकों की जिंदगी बेहतर बनी.’ बयान के मुताबिक, उनका सबसे बड़ा योगदान सशस्त्र बलों की वन रैंक वन पेंशन की मांग को लागू करना था.