नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में बहुत कम समय बचा है. बीजेपी से मुकाबले के लिए विपक्ष गठबंधन की बात कर रहा है. नरेंद्र मोदी के खिलाफ गठबंधन में पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर बीजेपी सवाल उठाती रही है. पीएम मोदी की घोर विरोधी नेता के बारे में बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने शनिवार को यह कह कर अपनी पार्टी में असहज स्थिति पैदा कर दी कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के देश की पहली बंगाली प्रधानमंत्री बनने की अच्छी संभावनाएं हैं. Also Read - मैं पश्चिम बंगाल को गुजरात नहीं बनने दूंगी, मैं फाइटर हूं, BJP से लड़ रही हूं: ममता बनर्जी ने रैली में कहा

ममता को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए घोष ने कहा कि वह उनकी अच्छी सेहत और जिंदगी में कामयाबी की दुआ करते हैं, ‘क्योंकि हमारे राज्य का भविष्य उनकी सफलता पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वह फिट रहें ताकि वह अच्छा काम कर सकें. उन्हें फिट रहने की जरूरत है क्योंकि अगर किसी बंगाली के पीएम बनने की संभावनाएं हैं तो उनमें वही एक हैं. Also Read - बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का समाधान हो जाएगा: अमित शाह

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की रथयात्रा को अनुमति नहीं दी थी. मामला हाईकोर्ट पहुंचा. सिंगल बेंच ने शाह की रथ यात्रा को अनुमति दे दी थी लेकिन ममता दीदी की सरकार इस फैसले के खिलाफ लार्ज बेंच पहुंच गई. कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी और रथयात्रा की अनुमति नहीं दी थी. इसके बाद बीजेपी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. इसी महीने की 8 तारीख को इस मामले की सुनवाई होनी है. Also Read - कोलकाता में धरने पर बैठीं Mamata Banerjee, आज रात 2 रैलियों को करेंगी संबोधित

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने कुछ दिन पहले कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी में एक बेहतर प्रधानमंत्री बनने के ‘सभी गुण’ मौजूद हैं. सिन्हा ने कहा था कि मुझे गठबंधन सरकार का अनुभव है, मुझे लगता है कि वह नेता बेहतर सरकार चला सकता है जिसे गठबंधन की पार्टियां अपना नेता मानें. 2019 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी बड़ी भूमिका निभाएंगी. सिन्हा ने ममता बनर्जी को हिम्मतवाली नेता बताते हुए कहा था कि उनके व्यक्तित्व से ये झलकता भी है.

ममता बनर्जी ने गुरुवार को यह कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था कि उन्हें राज्य को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने से दूर रहना चाहिए जब उनकी सरकार ने ही लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगा दिया है. इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया था जिसमें मोदी ने कहा था, ‘पश्चिम बंगाल में क्या हुआ? एक राजनीतिक दल (भाजपा) को मूलभूत लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर दिया गया.

(इनपुट-भाषा)