E Sreedharan, BJP, Kerala, Latest News: नई दिल्ली: ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर 88 साल के ई श्रीधरन (E Sreedharan) केरल में बीजेपी (bjp) के साथ अपनी राजनीति की पारी शुरू करने जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा, केरल में बीजेपी को विधानसभा चुनाव (Kerala assembly polls) में जीत मिलती है तो वह मुख्यमंत्री (Chief Minister) का पद संभालने के लिए तैयार रहूंगा. अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पार्टी कहेगी तो मुख्यमंत्री का पद भी संभाल सकते हैं.Also Read - विधानसभा चुनाव से पहले CM बिरेन सिंह ने कहा- मैं और मणिपुर के लोग चाहते हैं कि अफ्सफा हट जाए

अगले सप्ताह भाजपा में शामिल होकर राजनीति में कदम रखने जा रहे ई श्रीधरन ने शुक्रवार को कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाना है और वह मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए तैयार रहेंगे. श्रीधरन ने कहा कि यदि भाजपा को इस साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत मिलती है तो उनका ध्यान बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास करना और राज्य को कर्ज के जाल से निकालना होगा. Also Read - UP Polls 2022: BSP प्रमुख मायावती का हमला- 'आदित्यनाथ के गोरखपुर का मठ किसी आलीशान बंगले से कम नहीं'

‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर श्रीधरन ने से कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पार्टी कहेगी तो मुख्यमंत्री का पद भी संभाल सकते हैं. श्रीधरन (88) ने स्पष्ट कर दिया कि राज्यपाल पद संभालने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक पद है और कोई शक्ति नहीं है और वह ऐसे पद पर रहकर राज्य के लिए कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे पाएंगे. Also Read - मैं हमेशा मुलायम परिवार की बहू रहूंगी, यूपी में BJP की सरकार बनेगी: अपर्णा यादव

श्रीधरन ने कहा, ”मेरा मुख्य मकसद बीजेपी को केरल में सत्ता में लाना है. अगर भाजपा केरल में चुनाव जीतती है तो तीन-चार ऐसे क्षेत्र होंगे जिसपर हम ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. इसमें बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास और राज्य में उद्योगों को लाना शामिल है.”

केरल के पोन्नाली में रह रहे श्रीधरन ने फोन पर कि ‘कर्ज के जाल में फंसे’ राज्य की वित्तीय दशा सुधारने के लिए वित्त आयोग का भी गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा, ”आज राज्य कर्ज के जाल में फंसा है. बहुत सारा उधार है. प्रत्येक मलयाली पर आज 1.2 लाख रुपये का कर्ज है. इसका मतलब है कि हम दिवालिया होने की तरफ बढ़ रहे हैं और सरकार अब भी उधार ले रही है. राज्य की वित्तीय हालत सुधारने की जरूरत है और हम इसका समाधान निकालेंगे.”