नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह गलत करार दिया. कोर्ट ने इनकी गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए 5 सितंबर तक जवाब मांगा है. इस दौरान अदालत ने इनकी गिरफ्तारी पर पुलिस और सरकार को नसीहत भी दी कि वह असहमति के स्वर को इस तरह न दबाए. Also Read - COVID-19: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- निजी लैब्स में भी मुफ्त में हो कोरोना की टेस्टिंग

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वॉल्व है. अगर असहमति को जगह नहीं दी गई तो प्रेशर कुकर फट सकता है. इस मामले में एक याचिकाकर्ता के वकील राजीव धवन ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इनकी गिरफ्तारी अवैध और मनमानी तरीके से की गई है. Also Read - कोरोना वायरस के बारे में सही सूचना के लिये 24 घंटे में पोर्टल बनाये केन्द्र: सुप्रीम कोर्ट

रोडशो के दौरान राजीव गांधी की तरह थी पीएम मोदी की हत्‍या की योजना, इसलिए हुई वामपंथी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई

28 अगस्त को पुणे पुलिस ने देशभर में छापेमारी कर पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था. हैदराबाद में वामपंथी कार्यकर्ता और कवि वरवर राव, मुंबई में कार्यकर्ता वेरनन गोन्जाल्विस और अरूण फरेरा, फरीदाबाद और छत्तीसगढ़ में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और दिल्ली में रहने वाले सिविल लिबर्टीज के कार्यकर्ता गौतम नवलखा के घरों की तलाशी ली गई. तलाशी के बाद राव, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, अरूण फरेरा, वेरनन गोन्जाल्विस को गिरफ्तार किया गया था. पिछले साल 31 दिसंबर को पुणे में एल्गार परिषद नाम के एक कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के कोरेगांव-भीमा गांव में हुई हिंसा की जांच के तहत ये छापे मारे गए थे.

पीएम मोदी की हत्या की साजिश का अंदेशा

वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि माओवादियों की चिट्ठियों से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी अध्‍यक्ष की हत्‍या की साजिश रचे जाने का अंदेशा था. इसलिए उन्‍हें गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि माओवादी नेताओं द्वारा कथित तौर पर आदान-प्रदान किए गए दो पत्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह की हत्या की योजना का संकेत मिलने के बाद कई राज्यों में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई और नक्सलियों से संदिग्ध जुड़ाव होने के कारण उनमें से पांच की गिरफ्तारी हुई.