ट्रैफिक चालान जमा न करने पर छिन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस ! 90 दिन में नहीं चुकाया तो RC भी ब्लैकलिस्ट, जानिए नया नियम

ये बदलाव 2025-2026 में चरणबद्ध तरीके से लागू होने की संभावना है, खासकर ई-चालान और AI कैमरों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ.

Published date india.com Published: January 13, 2026 11:57 AM IST
पढ़िए क्या है ये नियम
पढ़िए क्या है ये नियम

केंद्र सरकार ट्रैफिक नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में कदम उठा रही है. नए नियम बनाने से जुड़े प्रस्तावों और ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक चालान (ई-चालान) समय पर नहीं भरता तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड किया जा सकता है, वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर भी कार्रवाई हो सकती है. यह बदलाव सड़क सुरक्षा बढ़ाने, ई-चालान की रिकवरी दर सुधारने और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं. मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 और उसमें 2019 के संशोधनों के तहत पहले से ही गंभीर उल्लंघनों पर लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल करने का प्रावधान है, लेकिन चालान न भरने पर सीधे RC कैंसिलेशन और DL सस्पेंशन का सख्त नियम अब केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया है.

2025 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग को लागू करने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ई-चालान की रिकवरी दर काफी कम है. केवल 40% चालान ही भरे जाते हैं, दिल्ली में तो यह मात्र 14% है.

नियमों के मुख्य बिंदु

  • ई-चालान जारी होने के बाद व्यक्ति को 30 दिनों के अंदर चालान स्वीकार कर भुगतान करना होगा या शिकायत दर्ज करानी होगी.
  • यदि 30 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा.
  • भुगतान न करने पर 90 दिनों (कुछ रिपोर्ट्स में 3 महीने) के बाद ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है. यह सस्पेंशन तब तक रहेगा जब तक बकाया राशि नहीं चुकाई जाती.
  • RC पर भी प्रभाव पड़ सकता है. कई मामलों में वाहन का रजिस्ट्रेशन ब्लैकलिस्ट या सस्पेंड किया जा सकता है, जिससे RC रिन्यूअल, ट्रांसफर या अन्य सेवाएं प्रभावित होंगी.
  • एक वित्तीय वर्ष में यदि तीन गंभीर चालान (जैसे रेड लाइट जंपिंग, लापरवाही से ड्राइविंग) कटते हैं और भरे नहीं जाते, तो DL 3 महीने के लिए सस्पेंड हो सकता है.
  • बार-बार डिफॉल्ट करने वालों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ाने का भी विचार चल रहा है, क्योंकि ऐसे ड्राइवरों को हाई-रिस्क माना जाएगा.

यह नियम MoRTH (Ministry of Road Transport and Highways) द्वारा तैयार ड्राफ्ट पर आधारित हैं, जो VAHAN और SARATHI पोर्टल से जुड़े हैं. यदि चालान गलत लगे, तो व्यक्ति शिकायत दर्ज कर सकता है, जिसका निपटारा 30 दिनों में होना चाहिए. सरकार ने एक बार के लिए 3 महीने का विंडो भी दिया है, जिसमें ड्राइवर अपना मोबाइल नंबर और पता अपडेट कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे नियमों का पालन बढ़ेगा, लेकिन सिस्टम में त्रुटि न हो, इसके लिए मजबूत SOP और अपील प्रक्रिया जरूरी है.

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