If Flight Delayed Due To Bomb Threat Will Passengers Get Refund Know Here
बम की धमकी से फ्लाइट हुई लेट तो क्या पैसेंजर को मिलेगा रिफंड? जानें क्या कहता है नियम
कुवैत से हैदराबाद जा रही इंडिगो फ्लाइट को आज बम से उड़ाने की धमकी मिली. अब नॉर्मल बात है कि इस केस में फ्लाइट लेट होगी ही. ऐसे में सवाल उठता है क्या इन मामलों में भी रिफंड मिलता? आइए जानते हैं इस बारे में -
कुवैत से हैदराबाद जा रही इंडिगो फ्लाइट में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्लेन को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इस वजह से फ्लाइट को तुरंत मुंबई एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया गया. वहां एयरपोर्ट सुरक्षा टीम, CISF और बम स्क्वॉड ने पूरी जांच की, जिसके चलते उड़ान में कई घंटों की देरी हो गई. अक्सर तकनीकी खराबी, ऑपरेशनल इश्यू या एयरलाइन की गलती से फ्लाइट लेट होने पर रिफंड मिल जाता है. अब सवाल उठता है कि क्या बम की धमकी में भी फ्लाइट लेट होने पर रिफंड मिलता?
क्या धमकी वाले केस में भी रिफंड मिलता?
दरअसल, धमकी, सुरक्षा अलर्ट, किसी हाई-रिस्क मैसेज या जांच की स्थिति में एयरलाइन को उड़ान रोकनी ही पड़ती है. यहां एयरलाइन जिम्मेदार नहीं होती, क्योंकि फैसला सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लिया जाता है. फिर भी, कई एयरलाइंस यात्रियों की सुविधा के लिए ऐसे मामलों को एक्सेप्शनल केस मानकर फुल रिफंड या बिना किसी चार्ज के रीबुकिंग देती हैं.
किन स्थितियों में फुल रिफंड मिल सकता है
अगर सुरक्षा जांच या लंबी देरी की वजह से यात्री आगे की यात्रा समय पर पूरी नहीं कर सकते, तो वे टिकट कैंसिल करके रिफंड मांग सकते हैं. एयरलाइन आमतौर पर ऐसे मामलों में यात्रियों का अनुरोध स्वीकार करती है. इसके लिए जरूरी है कि यात्री एयरलाइन काउंटर या कस्टमर सपोर्ट को देरी की वजह बताते हुए रिक्वेस्ट करें. कई एयरलाइंस खुद ही यात्रियों को ईमेल या SMS भेजकर रीबुकिंग या रिफंड का विकल्प देती हैं. यानी नियम भले ही थोड़ा कड़े हों, लेकिन सुरक्षा संबंधी देरी को समझते हुए एयरलाइंस लचीला रुख अपनाती हैं.
ऐसी स्थिति में यात्रियों को क्या करना चाहिए?
अगर किसी फ्लाइट में धमकी या सुरक्षा चिंता के कारण देरी हो जाए, तो यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले एयरलाइन के आधिकारिक अपडेट पढ़ें. फिर कस्टमर केयर से रिफंड, रीबुकिंग या सहायता के लिए संपर्क करें. सिविल एविएशन की गाइडलाइंस के अनुसार, कई घंटों की देरी पर एयरलाइन पानी, स्नैक्स या जरूरी सर्विस उपलब्ध कराती है. अक्सर एयरलाइन यात्रियों को दूसरे फ्लाइट में शिफ्ट करने का भी विकल्प देती है. यानी सुरक्षा खतरे की स्थिति में भले ही देरी अनिवार्य हो, लेकिन यात्रियों का हर कदम पर ध्यान रखा जाता है, बस सही प्रक्रिया फॉलो करना जरूरी है.
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