नई दिल्ली: अक्सर अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. हेगड़े ने कर्नाटक के कोडागु जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हमारे समाज की प्राथमिकता के बारे में सोचना चाहिए. हमें जाति के बारे में नहीं सोचना चाहिए. अगर कोई हाथ हिंदू लड़की को छूता है तो वह हाथ नहीं बचना चाहिए. सामने आए विडियो में दिख रहा है कि मंत्री के बयान के बाद वहां मौजूद लोग ताली बजा रहे हैं. इसी रैली के दौरान हेगड़े ने ताजमहल को लेकर भी टिप्पणी की. Also Read - Coronavirus Crisis in India: देश में कोरोना की कहीं दूसरी तो कहीं तीसरी लहर का प्रकोप, यहां देखें किस राज्य में कितने मामले

उन्होंने कहा, ताजमहल मुस्लिमों ने नहीं बनाया था. इतिहास गवाह है कि इसका निर्माण मुस्लिमों ने नहीं करवाया. शाहजहां ने अपनी जीवनी में कहा है कि उन्होंने यह जमीन राजा जयसिम्हा से खरीदी थी. एक शिव मंदिर है, जिसे राजा परमतीर्थ ने बनवाया था, जिसका नाम तेजो महालया था. तेजो महालया का नाम बदलकर ताजमहल कर दिया गया. अगर हम सोते रहे तो हमारे ज्यादात्तर घरों के नाम मंजिल हो जाएंगे. भविष्य में भगवान राम को जहांपनाह और सीता को बीबी के नाम से बुलाया जाएगा. Also Read - नैफेड ने जारी किए 15,000 टन प्याज के आर्डर, क्या काबू में आएंगे बढ़ते दाम?

हेगड़े के इस बयान के बाद कर्नाटक के कांग्रेस प्रेसिडेंट गुंडू राव ने ट्वीट कर पूछा कि एक सांसद और मंत्री होने के नाते आपकी उपलब्धियां क्या हैं. कर्नाटक के विकास में आपका योगदान क्या है. बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस तरह के लोग सांसद और बाद में मंत्री बन जाते हैं. इस ट्वीट के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने फिर विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने ट्वीट किया, मैं निश्चित तौर पर इस व्यक्ति के सवालों का जवाब दूंगा. लेकिन सबसे पहले वह अपने बारे में बताए कि वह कौन है और उसकी उपलब्धियां क्या हैं. मैं उसे (गुंडू राव) को ऐसे व्यक्ति के तौर पर जानता हूं जो मुस्लिम महिला के पीछे छिपा है. Also Read - बीजेपी शासित इस राज्‍य में दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, सीएम ने की घोषणा

इसके बाद राव ने एक और ट्वीट किया, मुझे दुख है कि अनंत कुमार हेगड़े इस स्तर पर उतर आए हैं और व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं. क्या यही उनका कल्चर है. लगता है कि वह हमारे हिन्दू धर्मग्रंथों से कुछ नहीं सीखते. अभी भी समय समाप्त नहीं हुआ है. वह कोशिश कर सकते हैं और एक प्रतिष्ठत व्यक्ति बन सकते हैं.