नई दिल्लीः तेजस एक्सप्रेस भारत की पहली ऐसी कॉर्पोरेट ट्रेन है जिसका संचालन पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी IRCTC के हाथों में है. इस ट्रेन में यात्रियों को प्रीमियम क्लास की सुविधा दी जाती है और इसी के कारण यह ट्रेन काफी चर्चा में रहती है. यह भारत की पहली ऐसी ट्रेन है जिसके लेट होने पर कंपनी रिफंड भी देते है. लेकिन अब आईआरसीटीसी ने एक नोटीफिकेशन जारी कर के कुछ कंडीशन्स बताई हैं जिसमें यात्रियों को रिफंड नहीं दिया जाएगा.

दरअसल तेजस के एक घंटे लेट होने पर 100 रुपये का रिफंड मिलता है जबकि 2 घंटे से ज्यादा लेट होने पर 250 रुपये तक का रिफंड दिया जाता है. अब जाड़े का मौसम आ रहा है जिसके कोहरे के कारण भारत में बहुत सी ट्रेन्स घंटो लेट हो जाती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए हुए आईआरसीटीसी ने एक बड़ा कदम उठाया है. IRCTC ने कहा है कि यदि ट्रेन कोहरे के कारण लेट होती है तो इसे एक्ट ऑफ गॉड करार दिया जाएगा(Act of God) और इस कारण यात्रियों का रिफंड नहीं दिया जाएगा.

Tejas Express: पहली बार लेट हुई प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस, यात्रियों को मिलेगा मुआवजा, ऐसे करें क्लेम

आईआरसीटीसी का कहना है कि कोहरा होना एक प्राकृतिक कारण है और इसमें कंपनी कुछ नहीं कर सकती. अधिकारियों ने इस बारे में कहा है कि हम रिफंड तब देते हैं जब हमारी किसी लापरवाही या कोई ऐसा कारण जिसमें कंपनी शामिल हो उसमें मिलता है, लेकिन फॉग होना एक दैवीय कारण है जिसमें हम कुछ नहीं कर सकते.

एक जानकारी के अनुसार लखनऊ से दिल्ली की ओर जाने वाली तेजस एक्सप्रेस 19 अक्टूबर को पहली बार लेट हुई थी. उस दिन के लिए आईआरसीटीसी को 1.62 लाख से ज्यादा मुआवजे के तौर पर देना पड़ा था.