नई दिल्ली। बिहार इस साल अब तक मॉनसून की बारिश औसत से भी कम हुई है. एक तरफ जहां देश के अधिकतर हिस्सों में बारिश भरपूर बारिश हो रही है, वहीं बिहार में लोग बारिश को तरस रहे हैं. करीब आधा मॉनसून बीत चुका है लेकिन बिहार अब तक 48 फीसदी कम बारिश हुई है. कम बारिश होने से बिहार के 38 जिलों में से 35 जिलों में सूखे के आसार हैं. प्रदेश भर में अभी तक केवल 19 प्रतिशत धान बोया गया है. हालातों के मद्देनजर बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा है कि अगर 31 जुलाई तक बिहार में बारिश नहीं हुई तो राज्य को सूखा घोषित कर दिया जाएगा.Also Read - Gandhi Maidan Blast case: NIA कोर्ट ने 10 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया, 1 बरी; सजा पर फैसला नवंबर में

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बिहार-झारखंड-यूपी में कम बारिश

बारिश के चार महीनों में से लगभग आधा मौसम बीत जाने के बावजूद भारत के पूर्वी हिस्से और खासतौर पर बिहार और झारखंड में 40 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 48 फीसदी मॉनसूनी बारिश कम हुई जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में 46 और 42 फीसदी कम बारिश हुई है.

बिहार से रूठा मानसून, अब तक 48 फीसदी कम हुई बारिश, 35 जिले सूखे की चपेट में

बहरहाल पूरे भारत में मॉनसून में तीन फीसदी कम बारिश हुई है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 34 फीसदी कम बारिश हुई है जो देश के अन्य मौसम मंडलों की तुलना में सबसे ज्यादा है. उत्तरप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और जम्मू – कश्मीर वाले उत्तर-पश्चिम भारत में नौ फीसदी कम बारिश हुई है.

मध्य भारत में ज्यादा बारिश

बहरहाल, दक्षिणी प्रायद्वीप और मध्य भारत में औसत से 15 और 16 फीसदी अधिक बारिश हुई है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वर्तमान में झारखंड, पूर्वोत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगातटीय इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है.