नई दिल्ली: डॉक्टरों का कहना है कि स्मार्टफोन व वीडियो गेम आदि पर दिन में सात घंटे से ज्यादा समय बिताने वाले नौ से 10 साल की उम्र के बच्चों के कॉर्टेक्स (मस्तिष्क की बाहरी परत) समय से पहले पतले हो सकते हैं. हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से सिर्फ आंखें ही प्रभावित नहीं होती हैं, बल्कि पहले छह वर्षो में एक बच्चे का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है और उसे निष्क्रिय बैठे रहने के बजाय रचनात्मक स्टिमुलेशन की जरूरत होती है. स्क्रीन कंटेंट केवल निष्क्रियता को बढ़ाती है.” Also Read - स्मार्टफोन के कारोबार में फिर से उतरी माइक्रोसॉफ्ट, लॉन्च किया सबसे स्लिम फ़ोन

अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “एक समय में 10 मिनट से ज्यादा एक्सपोजर मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है. आज स्क्रीन टाइम में वृद्धि हुई है, विशेष रूप से बच्चों में. हालांकि काम निपटाने के लिए यह उपयोगी लग सकता है या बच्चे को वीडियो चलाकर खाना खिलाना आसान हो सकता है, लेकिन इसके कई दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं.” Also Read - Covid-19 संकट के बीच ट्रेन में यात्रा करने वाले सभी यात्र‍ियों पर लागू होगा ये नया नियम

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भोजन के दौरान फोन पर कुछ देखते हुए खाने वाले बच्चे ज्यादा खुराक ले सकते हैं. वे भोजन और मनोरंजन के बीच अस्वास्थ्यकर कनेक्शन बनाना शुरू कर सकते हैं. मायोपिया या शॉर्ट-साइट के लिहाज से भी स्क्रीन पर बहुत अधिक समय लगाना जोखिमपूर्ण हो सकता है. यह आंखों पर अत्यधिक तनाव पैदा कर सकता है और आंखों के सूखेपन का कारण बन सकता है. Also Read - Top Smartphones to Launch in December 2019 : दिसंबर में लॉन्च होंगे Vivo V17, Realme XT 730G और Galaxy S10 Lite समेत ये फोन

डॉ. अग्रवाल ने बताया, “गैजेट्स के माध्यम से अलग-अलग स्ट्रीम द्वारा प्राप्त जानकारी मस्तिष्क के ग्रे-मैटर के घनत्व को कम कर सकती हैं, जो संज्ञान और भावनात्मक नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है. इस डिजिटल युग में, संयम ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी होनी चाहिए, यानी प्रौद्योगिकी का कम से कम उपयोग होना चाहिए.”

ये दिए सुझाव
– बच्चों को व्यस्त रखने के लिए, फोन देने के बजाय, उनके साथ बातचीत करें और उनके साथ कुछ समय बिताएं
– कंप्यूटर या टीवी को घर के खुले स्थान पर रखें ताकि उनके उपयोग को ट्रैक करना और स्क्रीन टाइम को सीमित करना आसान होगा
– पूरे घर के लिए दिन में कुछ घंटे जीरो स्क्रीन टाइम होने चाहिए
– अगर, माता-पिता के रूप में आप मोबाइल और कंप्यूटर के लिए बहुत समय लगाते हैं, तो बच्चे स्वाभाविक रूप से आपके जैसा करेंगे
– माता-पिता बच्चों के लिए एक सकारात्मक भूमिका का मॉडल सामने रखें
– भोजन के समय स्क्रीन से दूर रहना चाहिए और परिवार के साथ बैठकर खाने के लिए एक समय नियत होना चाहिए.
– सुनिश्चित करें कि बच्चे बाहरी गतिविधियों में पर्याप्त समय बिताएं
– बच्चों को स्मार्टफोन का उपयोग कम करने की प्रेरणा मिलेगी.