कौन हैं IFS निधि तिवारी? जो बनीं PM मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी; UPSC में आई थी 96वीं रैंक

Written By: Rishabh Kumar Updated by: Rishabh Kumar
Updated Date:August 13, 2026 8:17 PM IST

IFS Nidhi Tiwari: BHU की गोल्ड मेडलिस्ट निधि तिवारी ने BARC की नौकरी छोड़ UPSC पास किया. 96वीं रैंक के बाद IFS बनीं और अब PM मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी हैं.

IFS Nidhi Tiwari: लखनऊ की रहने वाली निधि तिवारी की पढ़ाई में शुरुआत से ही काफी अच्छी पकड़ रही. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई और ग्रेजुएशन लखनऊ से किया. इसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी BHU से बायोकेमिस्ट्री में M.Sc की पढ़ाई की. यहां उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया. पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका चयन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में साइंटिस्ट के पद पर हुआ. BARC जैसी बड़ी संस्था में नौकरी मिलने के बाद भी निधि ने अपने करियर को लेकर एक अलग रास्ता चुना.

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2008 में छोड़ी साइंटिस्ट की नौकरी

BARC में साइंटिस्ट की नौकरी एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन निधि तिवारी का लक्ष्य कुछ और था. वह देश की नीतियों और कूटनीति से जुड़े काम में योगदान देना चाहती थीं. इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने साल 2008 में अपनी साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उन्होंने UPSC Civil Services Exam की तैयारी शुरू कर दी. एक सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान फैसला नहीं था. लेकिन निधि ने अपने लक्ष्य पर भरोसा रखा और तैयारी जारी रखी.

पहली कोशिश में नहीं मिली सफलता

UPSC का सफर निधि तिवारी के लिए भी आसान नहीं रहा. साल 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में उनका नाम वेटिंग लिस्ट में आया था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. इसके बाद 2013 की UPSC Civil Services Examination में उन्होंने ऑल इंडिया 96वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के आधार पर उन्हें 2014 बैच में भारतीय विदेश सेवा यानी IFS मिली. इस तरह BARC की साइंटिस्ट से UPSC अधिकारी बनने का उनका सफर पूरा हुआ.

विदेश मंत्रालय और PMO में निभाईं अहम जिम्मेदारियां

IFS अधिकारी बनने के बाद निधि तिवारी ने विदेश मंत्रालय यानी MEA में काम किया. इसके बाद नवंबर 2022 में वह प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर शामिल हुईं. जनवरी 2023 में उन्हें प्रमोट करके डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया. PMO में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार NSA अजीत डोभाल के साथ भी काम किया. उनके काम में विदेश और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले शामिल रहे. इस दौरान उनकी जिम्मेदारियां काफी अहम रहीं.

अब PM मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी

निधि तिवारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही हैं. उनकी कहानी उन युवाओं के लिए खास है जो करियर में बड़ा बदलाव करने से डरते हैं. उन्होंने एक अच्छी साइंटिस्ट की नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी का फैसला लिया और लगातार कोशिश के बाद सफलता हासिल की. उनकी कहानी से यह सीख मिलती है कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो मुश्किल रास्ते पर भी आगे बढ़ा जा सकता है.

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