नई दिल्ली: देश और दुनिया में विकराल रूप से व्‍याप्‍त कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी के बीच आईआईटी रूड़की के एक प्राध्यापक ने ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने का दावा किया है, जो संदिग्ध मरीज के एक्स-रे स्कैन का प्रयोग कर महज पांच सेकेंड में कोविड-19 का पता लगा सकता है. वहीं, मिली जानकारी के मुताबिक, ICMR से इसको हरी झंडी मिल गई है. Also Read - Covid-19: महाराष्ट्र में कोविड-19 के आंकड़े 70 हजार के पार, 76 और लोगों की मौत

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने शुम्रवार को IIT दिल्ली के निदेशक वी. रामगोपाल राव से मुलाकात की. IIT दिल्ली कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने COVID19 के लिए एक पहचान करने वाले साफ्टवेयर को विकसित की है, जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है. Also Read - Coronavirus In Pakistan: पाकिस्तान में संक्रमण के 2,964 नए मामले, आंकड़ा 72 हजार के पार

प्राध्यापक ने इस सॉफ्टवेयर को पेटेंट कराने के लिए आवेदन दिया है और इसकी समीक्षा के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का रुख किया है. उन्हें इस सॉफ्टवेयर को विकसित करने में 40 दिन का समय लगा.

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक कमल जैन ने दावा किया कि सॉफ्टवेयर न सिर्फ जांच का खर्च कम करेगा, बल्कि स्वास्थ्य पेशेवरों के वायरस के संपर्क में आने का जोखिम भी घटाएगा.

प्राध्यापक कमल जैन ने कहा, “मैंने कोविड-19, निमोनिया और तपेदिक के मरीजों के एक्स-रे समेत करीब 60,000 एक्स-रे स्कैन का विश्लेषण करने के बाद कृत्रिम बुद्धिमता आधारित डेटाबेस विकसित कर इन तीनों बीमारी में छाती के जमाव (कंजेशन) के बीच अंतर को पता लगाया. मैंने अमेरिका की ‘एनआईएच क्लिनिकल सेंटर’ में उपलब्ध छातियों के एक्स-रे के डेटाबेस का भी विश्लेषण किया.”

आईआईटी के प्रोफेसर ने कहा,मेरे विकसित स़ॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर डॉक्टर, लोगों के एक्स-रे की तस्वीर अपलोड कर सकते हैं. सॉफ्टवेयर न सिर्फ यह आंकेगा कि मरीज में निमोनिया का कोई लक्षण है या नहीं बल्कि यह भी बताएगा कि यह कोविड-19 के कारण है या किसी अन्य जीवाणु के कारण और संक्रमण की गंभीरता भी मापेगा. जैन ने कहा, परिणाम महज पांच सेकेंड में प्राप्त हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह सॉफ्टवेयर सटीक प्रारंभिक जांच में मदद कर सकते हैं, जिसके बाद घातक वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों की आगे की जांच की जा सकेगी.