चेन्‍नई: इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी एक बार फिर विवादों में है. इस बार कारण है संस्‍थान के एक होस्‍टल द्वारा एक छात्र के यूज्‍ड कंडोम्‍स की जानकारी नोटिस बोर्ड पर डालना. छात्र इसे अपनी प्रतिष्‍ठा और प्राइवेसी का हनन मानकर आंदोलन पर उतारू हैं.

घटना पिछले सप्‍ताह की है जब आईआईटी, मद्रास के ब्रम्‍हपुत्र ब्‍वॉयज होस्‍टल में अधिकारियों ने दबिश दी तो कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं. इनमें लोहे के बक्‍से, बंडा उबालने की मशीन, इलेक्ट्रिक केतली, वाटर कूलर, मिनी फ्रिज और वाटर हीटर आदि शामिल थीं. लेकिन होस्‍टल अधिकारियों के आश्‍चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब एक छात्र के कमरे में डस्‍टबिन से उन्‍हें सगिरेट के टुकड़े, माचिस और उपयोग किए हुए कंडोम मिले. होस्‍टल प्रशासन ने दोषी छात्र पर पांच हजार रुपए का जुर्माना तो लगाया ही, उसे शर्मिंदा करने के लिए यह जानकारी होस्‍टल के नोटिस बोर्ड पर भी लगा दी.

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छात्रों का आरोप है कि होस्‍टल अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के चले आए. उन्‍होंने छात्रों को परेशान किया और बिना इजाजत के तस्‍वीरें लीं. छात्राओं का भी आरोप है कि कैंपस में उन्‍हें परेशान किया जाता है. वे मोरल पुलिसिंग का आरोप भी लगा रही हैं.

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इस बीच स्‍टूडेंट जनरल सेक्रेटरी श्रीराम एस कोम्‍पेला ने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें स्‍टूडेंट लेजिस्‍लेटिव काउंसिल में उठाएं. उन्‍होंने यह भी कहा है कि निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है. वे तस्‍वीरें कवेल सबूत के लिए लेते हैं. वे या कॉलेज प्रशासन किसी भी हालत में छात्रों को शर्मिंदा करने का फैसला नहीं कर सकता. डीन, स्‍टूडेंट्स ऑफिस ने भी आरोपों से इंकार किया है. उसने कहा है कि होस्‍टल प्रशासन ने छात्र की गलतियों को नोटिस बोर्ड पर नहीं डाला है. यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच होगी.