नई दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बंगाल की खाड़ी में उठे साइक्लोन ‘फानी’ को लेकर चेतावनी जारी कर दी है. विभाग ने कहा है कि अगले 6 से 7 घंटों में इसके ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदलने की आशंका है. विभाग ने यह भी कहा है कि 30 अप्रैल और 1 मई को इस तूफान के और खतरनाक होते जाने का अंदेशा है. इस कारण केरल, ओडिशा के तटीय इलाकों, आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. विभाग की बुलेटिन में कहा गया है कि फानी तूफान की वजह से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा तेज हवाएं चल सकती हैं. 30 अप्रैल और 1 मई को इन हवाओं की रफ्तार में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की आशंका है.

मौसम विभाग ने कहा है कि फानी साइक्लोन के कारण तटी आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. इन जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. 30 अप्रैल से लेकर 3 मई तक इन इलाकों में तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी. विभाग के मुताबिक, देश के तटीय इलाकों तक तूफान पहुंचने का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखेगा.

आईएमडी की बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में फानी साइक्लोन के कारण समुद्र की स्थिति खतरनाक हो सकती है. खासकर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी और आसपास के इलाकों में इस वजह से ऊंची लहरें उठेंगी. विभाग ने कहा है कि इस तूफान के कारण पुड्डुचेरी, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में 29 अप्रैल से लेकर 1 मई तक सागर में तेज लहरें उठेंगी. समुद्र की स्थिति बेहद प्रतिकूल हो सकती है. विभाग ने इसके मद्देनजर श्रीलंका, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है. साथ ही यह भी सलाह दी है कि जो मछुआरे समुद्र के काफी भीतर तक जा चुके हैं, वे भी जल्द से जल्द तटों की ओर लौट आएं.