नई दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के चलते इस साल कमाई में हुए भारी नुकसान के मद्देनजर रेलवे खर्चों में कटौती करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत नए पद सृजित करने पर रोक, कर्मचारियों को अधिक क्षमतावान बनाने, डिजिटल प्लेटफॉर्मों के जरिये कार्यक्रम आयोजित करने जैसे उपाय शामिल हैं. रेलवे के वित्तीय आयुक्त ने 19 जून को लिखे एक पत्र में सभी जोन के महाप्रबंधकों को बताया कि रेलवे की यातायात से होने वाली कमाई में मई के अंत में, पिछले साल की इस अवधि की तुलना में 58 प्रतिशत की गिरावट आई है. Also Read - Covid-19: दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 1404 नए मामले सामने आए, चौबीस घंटे में 16 की मौत; 10,667 मरीजों का चल रहा इलाज

पत्र में कहा गया है, ‘खर्चों पर नियंत्रण और कमाई बढ़ाने के लिये नए रास्ते तलाशने होंगे.’ पत्र के अनुसार 2017 में तत्कालीन आयुक्त और 2018 में रेलवे बोर्ड ने भी ऐसे कदम उठाने की घोषणा की थी. आयुक्त के पत्र में कहा गया है, ‘जैसाकि आप जानते हैं कि सरकार का आदेश है कि रेलवे को पेंशन समेत अपने राजस्व खर्च खुद ही वहन करने होंगे. कोविड-19 के चलते इस साल की लक्षित कमाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है.’ Also Read - माइक पोम्पियो ने भारत सहित पांच देशों के विदेश मंत्रियों से की बात, जानें क्या रहा चर्चा का मुद्दा

आयुक्त ने रेलवे के सभी जोन को कर्मचारियों पर होने वाले खर्चों में कटौती और उन्हें कई कार्यों में दक्ष बनाने, अनुबंधों की समीक्षा करने, बिजली उपभोग कम करने और प्रशासनिक तथा अन्य क्षेत्रों में खर्चों में कटौती का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा नए पद सृजित करने पर रोक लगाने का भी सुझाव दिया गया है. Also Read - COVID-19 वैक्सीन अपडेट: भारत व अन्य देशों के लिए Covid-19 टीके की दस करोड़ खुराक का उत्पादन करेगा सीरम इंस्टीट्यूट, 225 रुपये होगी कीमत

पत्र में कहा गया है, ‘बीते दो साल के दौरान सृजित किये गए पदों की समीक्षा की जानी चाहिये और अगर इन पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं तो उनकी समीक्षा कर भर्ती रोकी जा सकती है. इसके अलावा कार्यशालाओं में कर्मचारियों को क्षमतावान बनाया जा सकता है.’

(इनपुट भाषा)