नई दिल्ली. कर्नाटक में सरकार गठन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय देने के बाद अब देशभर के लोगों और राजनीतिक चिंतकों की निगाहें प्रदेश की राजधानी बेंगलुरू में स्थित कर्नाटक विधान सौध पर टिक गई है. अपनी खूबसूरती और बेहतरीन वास्तुकला के लिए जाना जाने वाला यह भवन देशभर में सबसे आलीशान विधानसभा भवनों में से एक है. महज 2 करोड़ रुपए की लागत से बने कर्नाटक विधान सौध के निर्माण की योजना मैसूर राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री के. हनुमंथैया ने बनाई थी. 5 साल में बनकर तैयार हुए इस भवन में द्रविड़ वास्तुकला की शानदार झलक देखने को मिलती है. आज जब पूरे देश में कर्नाटक में चल रही राजनीतिक स्थिति की चर्चा हो रही है, आइए जानते हैं कर्नाटक की इस खूबसूरत विधान सौध के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें. Also Read - Air India Ticket Booking New Rule: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- विमान में इस सीट की बुकिंग जल्द ही होगी बंद

वर्ष 1951 में तत्कालीन मैसूर राज्य के सीएम रहे के. हनुमंथैया ने इस भव्य भवन के निर्माण की योजना बनाई थी. हनुमंथैया चाहते थे कि अमेरिका के व्हाइट हाउस और लंदन के बर्मिंघम पैलेस की तरह उनके राज्य में भी जन-प्रतिनिधियों का आलीशान भवन हो. उनकी योजना थी कि राज्य में ऐसा भवन बनाया जाए जिसकी भव्यता से कन्नड़ राज्य की महत्ता का भान हो. Also Read - जूम ऐप पर प्रतिबंध लगाने के लिए दायर याचिका, SC ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा

वर्ष 1951 में तत्कालीन मैसूर राज्य के सीएम रहे के. हनुमंथैया ने इस भव्य भवन के निर्माण की योजना बनाई थी. हनुमंथैया चाहते थे कि अमेरिका के व्हाइट हाउस और लंदन के बर्मिंघम पैलेस की तरह उनके राज्य में भी जन-प्रतिनिधियों का आलीशान भवन हो. उनकी योजना थी कि राज्य में ऐसा भवन बनाया जाए जिसकी भव्यता से कन्नड़ राज्य की महत्ता का भान हो. (फोटो साभारः कर्नाटक विधानसभा) Also Read - 10 साल पहले विमान दुर्घटना में शख्स की हुई थी मौत, अब परिजनों इसलिए मिल रहे 7.64 करोड़ रुपए

के. हनुमंथैया की पहल पर आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 13 जुलाई 1951 को कर्नाटक विधान सौध की आधारशिला रखी. 1951 से 1956 तक चले निर्माण कार्य के बाद यह भवन तैयार हुआ. उस समय इसकी लागत 1.84 करोड़ रुपए आई थी. 5 हजार से ज्यादा मजदूर इसके निर्माण में लगे थे. विधान सौध का पूरा परिसर 5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है.

के. हनुमंथैया की पहल पर आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 13 जुलाई 1951 को कर्नाटक विधान सौध की आधारशिला रखी. 1951 से 1956 तक चले निर्माण कार्य के बाद यह भवन तैयार हुआ. उस समय इसकी लागत 1.84 करोड़ रुपए आई थी. 5 हजार से ज्यादा मजदूर इसके निर्माण में लगे थे. विधान सौध का पूरा परिसर 5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. (फोटो साभारः कर्नाटक विधानसभा)

कर्नाटक विधान सौध का क्षेत्रफल काफी बड़ा है. उत्तर दिशा से लेकर दक्षिण तक यह 700 फीट का है. वहीं पूर्व से पश्चिम दिशा तक इसकी लंबाई करीब 350 फीट है. भवन के भीतर 230 गुना 230 फीट के दो सेंट्रल विंग का निर्माण किया गया है. द्रविड़ वास्तुकला शैली में बनी यह इमारत न सिर्फ कर्नाटक, बल्कि देश में सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है. वहीं इसके निर्माण में आधुनिक वास्तुकला का भी प्रयोग किया गया है. भवन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इसके आगे बनी सीढ़ियां भी हैं, जिससे होकर सीधे पहली मंजिल पर स्थित विधानसभा में पहुंचा जा सकता है.

कर्नाटक विधान सौध का क्षेत्रफल काफी बड़ा है. उत्तर दिशा से लेकर दक्षिण तक यह 700 फीट का है. वहीं पूर्व से पश्चिम दिशा तक इसकी लंबाई करीब 350 फीट है. भवन के भीतर 230 गुना 230 फीट के दो सेंट्रल विंग का निर्माण किया गया है. द्रविड़ वास्तुकला शैली में बनी यह इमारत न सिर्फ कर्नाटक, बल्कि देश में सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक है. वहीं इसके निर्माण में आधुनिक वास्तुकला का भी प्रयोग किया गया है. भवन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इसके आगे बनी सीढ़ियां भी हैं, जिससे होकर सीधे पहली मंजिल पर स्थित विधानसभा में पहुंचा जा सकता है. (फोटो साभारः कर्नाटक विधानसभा)

कर्नाटक विधान सौध में मुख्यतः तीन फ्लोर हैं जो 1.32 लाख स्क्वॉयर फीट के हैं. वहीं टॉप फ्लोर एक लाख वर्गफीट में है. विधान सौध की कुल लंबाई 700 फीट है. वहीं चौड़ाई 350 फीट है और ऊंचाई (जमीन से मुख्य गुंबद तक) करीब 150 फीट है. भवन के बीच का गुंबद 60 फीट का है जिसका भार संभालने के लिए 8 पिलर लगाए गए हैं. भवन में 6 और गुंबद हैं, 4 सामने और 2 पीछे की दिशा में.

कर्नाटक विधान सौध में मुख्यतः तीन फ्लोर हैं जो 1.32 लाख स्क्वॉयर फीट के हैं. वहीं टॉप फ्लोर एक लाख वर्गफीट में है. विधान सौध की कुल लंबाई 700 फीट है. वहीं चौड़ाई 350 फीट है और ऊंचाई (जमीन से मुख्य गुंबद तक) करीब 150 फीट है. भवन के बीच का गुंबद 60 फीट का है जिसका भार संभालने के लिए 8 पिलर लगाए गए हैं. भवन में 6 और गुंबद हैं, 4 सामने और 2 पीछे की दिशा में. (फोटो साभारः कर्नाटक विधानसभा)

विधान सौध में बनी विधानसभा 125 गुना 132 फीट की है. इसकी ऊंचाई 40 फीट है. अभी इसमें 268 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जिसे भविष्य में और 100 लोगों के बैठने लायक बनाया जा सकता है. विधान सौध में विधान परिषद के सदस्यों के लिए भी पर्याप्त जगह है. वर्तमान में 88 लोगों की क्षमता को ध्यान में रखकर बना भवन 100 गुना 78 फीट का है.

विधान सौध में बनी विधानसभा 125 गुना 132 फीट की है. इसकी ऊंचाई 40 फीट है. अभी इसमें 268 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जिसे भविष्य में और 100 लोगों के बैठने लायक बनाया जा सकता है. विधान सौध में विधान परिषद के सदस्यों के लिए भी पर्याप्त जगह है. वर्तमान में 88 लोगों की क्षमता को ध्यान में रखकर बना भवन 100 गुना 78 फीट का है. (फोटो साभारः कर्नाटक विधानसभा)

कर्नाटक विधानसभा चुनाव से संबंधित खबरों के लिए पढ़ते रहें- India.com