नई दिल्लीः करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले पाकिस्तान ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए करतारपुर दर्शन के लिए भारतीय श्रद्धालुओं पर लागू की जाने वाली दो शर्तों को हटा लिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए अब भारतीयों को पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी.

इमरान खान ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को ट्वीट करके दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत से करतारपुर आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए लागू की गई मैंने दो शर्तों को छोड़ दिया है. पहली शर्त- उनके पास पासपोर्ट (Passport) होना जरूरी नहीं, कोई भी श्रद्धालू सिर्फ एक वैद्य आईडी लेकर दर्शन के लिए आ सकता है. दूसरी शर्त – उन्हें 10 दिन पहले एडवांस में रजिस्ट्रेशन कराने की कोई जरुरत नहीं होगी.

इसके साथ ही पीएम इमरान खान ने कहा कि उद्धाटन वाले दिन किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाएगी. आपको बता दें कि प्रकाशोत्सव से तीन दिन पहले 9 नवंबर को इमरान खान पंजाब प्रांत के नरोवाल जिसे में स्थित करतारपुर गलियारे का उद्घाटन करेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) का उद्घाटन करेंगे. पीएम मोदी भारत की तरफ बने नए टर्मिलन पर होने वाले कार्यक्रम में भी पीएम मोदी शामिल होंगे.

करतारपुर गलियारा मामले में सुखबीर बादल ने किया इमरान पर जुबानी हमला, कहा- इसे आय का साधन न बनाया जाए

केंद्र सरकार की तरफ से करतारपुर दर्शन के लिए जाने वाले पहले जत्थे की सूची जारी कर दी गई है. इस जत्थे में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहेंगे. इस पूरे जत्थे में कुल 575 लोग शामिल हैं. इससे पहले पाकिस्तान ने करतारपुर दर्शन के लिए 1400 रुपये शुल्क निर्धारित किया था जिसका कई पार्टियों ने विरोध भी किया था. अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा था कि वह इस गलियारे को आय का जरिया न बनाएं क्योंकि यह तीर्थयात्रा के लिए है.