मुंबई: NCP के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा है कि महाराष्ट्र राज्पाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर संविधान का मजाक उड़ाया है. उन्होंने ये भी कहा कि राज्यपाल को कांग्रेस को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र ने कभी भी नियमों का पालन नहीं किया. हालांकि शिवसेना के साथ सरकार बनाने के सवाल पर कांग्रेस ने कहा कि एनसीपी के साथ गहन चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि एनसीपी से साथ चर्चा किए बगैर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा.

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, “जिस तरह से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई थी, मैं इसकी निंदा करता हूं. इस सरकार ने पिछले 5 वर्षों में कई अवसरों पर राष्ट्रपति शासन पर SC के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है.” उन्होंने कहा, “हम अपने सहयोगी के साथ चर्चा करने के बाद शिवसेना के साथ चर्चा करेंगे.” एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस के साथ चर्चा करेंगे और उसके बाद फैसला लेंगे.” अहमद पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से निमंत्रण मिला. लेकिन कांग्रेस को निमंत्रण नहीं मिला. हम इसकी निंदा करते हैं.

इससे पहले राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, “आज राकांपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठक हुई. 11 नवंबर को शिवसेना ने पहली बार औपचारिक रूप से हमसे संपर्क किया. हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे और फिर निर्णय लेंगे.”