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उत्तर प्रदेश में धर्मातरण का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा हैं. जिससे पुरे देश में घमासान मचा हुआ हैं. इसके चलते संसद में हंगामा भी हो रहा हैं. तमाम राजनितिक पार्टियां अपनी रोटियां सेक रही हैं. धर्मांतरण प्रकरण में 37 मुस्लिम परिवारों की नागरिकता की जांच शुरू होने के साथ ही खेरागढ़ और एत्मादपुर के बाद फतेहाबाद के बमरौली कटारा में कबाड़ियों की बस्ती खाली हो गई है। खबर हैं कि 50 परिवारों के 150 से अधिक संदिग्ध लोग रातोंरात अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर ले गए। Also Read - संजय राउत ने कहा- एक दिन उद्धव ठाकरे देश का नेतृत्व करेंगे, हमें हर समुदाय का विश्वास हासिल करना है

फतेहाबाद रोड स्थित बमरौली कटारा में प्लाट पर झुग्गी झोपड़ी डालकर कई साल से रह रहे 50 से अधिक परिवार शुक्रवार तड़के चले गए। क्षेत्र के लोगों ने कुछ परिवारों को रिक्शे में सामान लादते देखकर पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को सिर्फ खाली झोपड़ियां मिलीं। यह लोग प्लॉट मालिक को 15 हजार रुपये किराया देते थे। कबाड़ का काम भी करते थे। बंगाली भाषा बोलते थे। क्षेत्रीय लोगों को उनके बांग्लादेशी होने का शक है। Also Read - उद्धव ठाकरे की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी की गई, हालत के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया

बता दें कि वेद नगर की कबाड़ा बस्ती में रहने वाले लोग खुद को बंगाली बता रहे थे। कुछ लोगों के बांग्लादेशी होने की बात सामने आई थी। जांच के लिए सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की टीम बंगाल भेजी जा चुकी हैं। जिले में भी ऐसे लोगों की नागरिकता की जांच हो रही है। जिले में कई स्थान ऐसे हैं, जहां पर कबाड़ी झुग्गी-झोपड़ी में रह कर गुजर बसर कर रहे हैं। इनकी जांच नहीं हो सकी है। खेरागढ़ और एत्मादपुर में भी ऐसी ही एक बस्ती जांच से पहले ही खाली हो गई थी। पुलिस ने बताया कि लोगों के बारे में पता किया जा रहा है।

वही दूसरी तरफ वेद नगर प्रकरण के आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि के समर्थन में शिवसेना उतर आई है। शिवसेना का कहना है कि नंदकिशोर निर्दोष है। शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान शिवसेना के जिला प्रमुख वीनू लवानिया ने कहा कि नंदकिशोर की गिरफ्तारी के बाद से हिंदूवादी संगठन उससे पल्ला झाड़ चुके हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हवन में उपस्थित लोगों की पहले जांच होनी चाहिए, उसके बाद धर्म परिवर्तन को लेकर उठ रहे सवालों की पड़ताल हो। नंदकिशोर के बचाव के लिए वह कानूनी सलाहकारों से इस संबंध में जानकारी करेगी और उसको जेल से बाहर निकालने के लिए पैरवी करेगी। वीनू लवानिया ने कहा कि इस दौरान शिवसेना उसके परिवार की पूरी मदद करेगी।

जानकारी के अनुसार धर्मांतरण मामले की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार देर रात उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का चार सदस्यीय दल आगरा पहुंचा। आयोग के लोगो का कहना हैं कि हकीकत बस्तीवालो से मिलने के बाद पता चलेगी।उसके बाद यह आयोग एक रिपोर्ट तैयार करेगा।