नई दिल्ली: आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि एक और आतंकवादी हमला होने की स्थिति में भारत के पास “सभी विकल्प” मौजूद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी ढांचों को नेस्तनाबूद करने में पाकिस्तान द्वारा ठोस कदम उठाए जाने पर भी सरकार जोर देगी. 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण ठिकाने पर हमला करने के बाद भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी सेक्टर में अपने सभी एयरबेस को अधिकतम अलर्ट पर रखा है. सूत्रों ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के दौरान उसके द्वारा एफ- 16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किए जाने के बारे में सबूत अमेरिका से साझा किए हैं और उसे (भारत को) विश्वास है कि अमेरिका इस विषय की जांच कर रहा है.

बालाकोट हमले के बाद से भारत आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर अधिक से अधिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए सभी देशों के पास गया, लेकिन भारत की स्थिति से वे कहीं अधिक सहमत हैं. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि यह कोई भारत – पाक मुद्दा नहीं, बल्कि आतंकवाद का मुद्दा है.

यदि जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध लगा देता है तो पाकिस्तान मुश्किल में पड़ जाएगा, क्योंकि पाकिस्तानी विदेश मंत्री के कबूलनामे के मुताबिक वह वहां (पाकिस्तान में) रह रहा है.

सूत्रों ने सोमवार को कहा था कि 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण ठिकाने पर हमला करने के बाद भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी सेक्टर में अपने सभी एयरबेस को अधिकतम अलर्ट पर रखा है.

बता दें कि बालाकोट हमले के एक दिन बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कश्मीर में कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की थी. भारत ने अपने हवाई हमले को ‘गैर – सैन्य कार्रवाई’ कहा था. पुलमावा में 14 फरवरी को हुए एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद भारतीय वायुसेना ने यह कार्रवाई (बालाकोट में) की.