नई दिल्ली: बाढ़ प्रभावित केरल में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. हाल ही के वर्षों में आए बाढ़ का यह सबसे भयावह रूप है. अबतक 300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, वहीं लाखों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. पूरी दुनिया से केरल की मदद के लिए लोग आए आ रहे हैं. यूके का एक संगठन भी केरल के लोगों की मदद के लिए आगे आया है. यूके स्थित अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी राहत संगठन बाढ़ प्रभावित केरल में 2000 से अधिक लोगों को भोजन प्रदान करने के लिए आगे आया है. यूके स्थित सिख संगठन के भारतीय विंग खलसा सहायता, लगभग 2000 लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहा है. सिख स्वयंसेवक प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को फूड मुहैया करा रहे हैं.

इसने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट किया. #KERALA FLOODS हमारे स्वयंसेवक बाढ़ प्रभावित 2000 लोगों को ताजा खाना उपलब्ध करा रहे हैं. ट्वीट में कहा गया है कि खालसा एड बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक और किचन स्थापित करने जा रहा है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल का दौरा किया और राज्य में बाढ़ के बाद बने हालात का जायजा लिया. पीएम ने 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की. हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पीएम से 2000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की थी.

रविवार को निर्जन इमारतों और छतों पर फंसे हुए हजारों लोगों को बचाया गया. बारिश और कुछ स्थानों पर नये सिरे से भूस्खलन की घटनाएं हुईं हैं. इसके साथ ही राज्य में आठ अगस्त से मॉनसून के दूसरे चरण में मची तबाही में मरने वालों की संख्या 300से ज्यादा हो गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों को इमारतों से एयरलिफ्ट किया गया, जबकि कई अन्य को सेना की नौकाओं, मछली पकड़ने वाले बड़े जहाजों और अस्थायी नौकाओं में बाहर निकाला गया.

मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक केरल के विभिन्न स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया है. उन्होंने कहा कि इडुक्की जिले में रविवार को सर्वाधिक वर्षा हुई. मुन्नार और पीरमेड कस्बों में क्रमशः 11 सेमी और 10 सेमी बारिश दर्ज की गई. अधिकारियों के मुताबिक, 8 अगस्त से शुरू हुई मूसलाधार बारिश में अब तक 194 लोगों की जान चली गई है है और 29 मई को दक्षिण पश्चिमी मॉनसून आने के बाद से राज्य में अब तक 357 लोगों की मौत हुई है.