पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है. पार्टी के एक और विधायक बलदेव सिंह ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर तनाशाही पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. बलदेव सिंह पंजाब में आप के विधायक सुखपाल सिंह खैरा के करीबी हैं. इस महीने के शुरू में खैरा ने भी आप से इस्तीफा दे दिया था. बलदेव सिंह ने कहा कि समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद जिस सिद्धांत और विचारधारा पर आप का गठन हुआ था उससे वह पूरी तरह भटक गई है. पिछले दिनों आप के विधायक और अधिवक्ता एचएस फूलका ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. इन विधायकों के इस्तीफे से राज्य विधानसभा में आप की संख्या 20 से घटकर 17 रह गई है.

इस बीच अंदरूनी गुटबाजी से परेशान आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के कार्यकर्ताओं के भीतर जोश भरने के लिए अरविंद केजरीवाल वहां कई रैलियां करने वाले हैं. कुछ ही माह में लोकसभा चुनाव को देखते हुए आप ने पंजाब में डैमेज कंट्रोल की रणनीति अपनाई है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 20 जनवरी को अरविंद केजरीवाल बरनाला में रैली करेंगे. पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद अरविंद केजरीवाल की यह पहली रैली होगी. केजरीवाल राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए माझा, मालवा और दोआब क्षेत्र में रैली करने की घोषणा कर चुके हैं. वैसे माझा और दोआब की रैली की तारीख अभी नहीं आई है.

बरनाला की रैली से केजरीवाल बठिंडा, फरीदकोट और संगरूर क्षेत्र की जनता तक पहुंचना चाहते हैं. ये क्षेत्र मालवा इलाके में पड़ते हैं. यहीं से 2017 के विधानसभा चुनाव में आप को सबसे अधिक सीटें मिली थीं. वैसे पंजाब इकाई के नेता अब भी मानते हैं कि राज्य में केजरीवाल लोकप्रिय हैं. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल चीमा ने कहा कि वह उनके साथी विधायकों को जनता से जो प्रतिक्रिया मिल रही है उससे लगता है कि राज्य में अब भी केजरीवाल काफी लोकप्रिय हैं.