नई दिल्लीः तीन दशकों का भाजपा से रिश्ता तोड़ने के बाद बीती शाम उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस की मदद से महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ली. शपथ लेने के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में नरमी दिखाते केंद्र और राज्य सरकार के बारे में बड़ी बात कही है. शिवसेना ने पीएम मोदी को पत्र में उद्धव ठाकरे का बड़ा भाई बताया है और राज्य के विकास में साथ देने की बात कही है.

सामना ने लिखा कि जरूर कुछ वक्त से भाजपा और शिवसेना के रिश्तों में अन-बन बनी हुई है लेकिन पीएम नरेद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई भाई का है. सामना ने यह स्पष्ट किया कि पीएम मोदी महाराष्ट्र के विकास की गति को तेजी देने में अपने छोटे भाई उद्धव ठाकरे का साथ दे. वहीं सामना ने यह भी लिखा कि पिछली सरकार के कामों से जो पांच लाख करोड़ का कर्ज सरकार पर है उसे दूर करने के लिए और किसानों के लिए लाभकारी कदम उठाने के लिए केंद्र की नीति सहयोगवाली होनी चाहिए.

मुखपत्र ने लिखा कि पीएम पूरे देश के होते हैं न कि किसी एक पाट्री विशेष के लिए इसलिए केद्र जनता के निर्णय का सम्मान करे और भविष्य में केंद्र सरकार महाराष्ट्र की सरकार को अस्थिर करने का प्रयास न करे. शिवसेना ने कहा कि नई सरकार तेजी से आगे बढ़ेगी लेकिन इसके लिए वह फूक फूंक के कदम रखेगी. इसके बाद सामना ने लिखा कि महाराष्ट्र दिल्ली को सबसे ज्यादा पैसा देता है और देश की अर्थव्यवस्था मुंबई के भरोसे ही चल रही है और देश को सबसे ज्यादा रोजगार मुंबई ही देता है. इसलिए केंद्र और राज्य दोनों को ही साथ में मिलकर काम करना होगा.

अपने लेख में सामना ने कुछ कड़े तेवर भी दिखाए हैं, एक जगह पर सामना ने लिखा कि दिल्ली के दरबार में महाराष्ट्र को चौथी या पांचवी कतार नहीं चाहिए बल्कि वह सबसे आगे रहकर काम करेगा और यही महाराष्ट्र की परंपरा रही है. आपको बता दें कि चुनावी नतीजों के एक महीने बाद तक महाराष्ट्र में राजनीतिक रस्साकसी चलती रही और इस बाद का अंदाजा नही लगाया जा पा रहा था कि आखिर राज्य में किसकी सरकरा बनेगी. इन सब उठक पटक के बीच में तीन दिन के लिए अजित पवार के सहयोग से राज्य में देवेंद्र फडणवींस की भी सरकार बनीं.