नई दिल्‍ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले करीब 5 लाख के पास पहुंच गए हैं और 15 हजार से ज्‍यादा मरीजों की मौत हो चुकी है. एक दिन में सर्वाधिक 17 हजार से ज्‍यादा मामले शुक्रवार को दर्ज हुए हैं. इस बीच रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष ने ट्रेनें चलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है.Also Read - Revised Guidelines: कोरोना पर सरकार की संशोधित गाइडलाइंस- 5 साल से कम उम्र के बच्चों का मास्क लगाना जरूरी नहीं

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, कोरोना वायरस से उत्पन्न हालात के मद्देनजर निकट भविष्य में सभी ट्रेनें चलाना संभव नहीं लगता है. बता दें कि इंडियन रेलवे ने 12 अगस्‍त तक के लिए सभी नियमित यात्री ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है, जिसमें मेल और एक्‍सप्रेस ट्रेन शामिल हैं. Also Read - Corona: दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में हुईं कम मौतें, Vaccine ने दी बड़ी राहत, ये हैं आंकड़े

विशेष ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पर नजर रखा जा रही है, जरूरत और कोविड हालात के आधार पर जल्द ही ऐसी और ट्रेनें चलाई जाएंगी. Also Read - Covid-19 Lockdown Update: बड़ी बात-ब्रिटेन में कोरोना हुआ कमजोर, अब नो वर्क फ्रॉम होम, नो फेसमास्क, जानिए

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़े शहरों की ओर जा रही ट्रेंनों में यात्रियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इससे आर्थिक हालात में सुधार का संकेत मिलता है.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत छह दिन में 160 परियोजनाओं की पहचान की गई है. इससे वापस लौटे प्रवासी कामगारों के लिये 9 लाख दिन के कामकाज की व्यवस्था होगी. उन्‍होंने कहा, केन्द्रीय कोविड कोष से रेलवे को अबतक 620 करोड़ रुपए मिल चुके हैं.

बता दें कि इंडियन रेलवे ने 12 अगस्‍त तक के लिए सभी नियमित यात्री ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है, जिसमें मेल और एक्‍सप्रेस ट्रेन शामिल हैं. निरस्तीकरण नियमित ट्रेनों के लिए है, जिसके लिए टिकट बुकिंग 14 अप्रैल, 2020 तक उपलब्ध थी. इस अवधि के दौरान केवल विशेष ट्रेनें ही चलती रहेंगी. भारतीय रेलवे ने यह भी घोषणा की है कि वह उन सभी लोगों के टिकट का पूरा वापस कर देगा, जिन्होंने 14 अप्रैल, 2020 तक आरक्षण किया था.

अब तक, भारतीय रेलवे देश में कोरोनोवायरस प्रकोप के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के कारण प्रभावित होने वाले यात्रियों को ढोने के लिए श्रमिक ट्रेनों के साथ-साथ 230 विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है.