हैदराबाद: देश भर नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. लगभग दो महीने से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीति की गलियारों में भी हलचल मची हुई है. हर तरफ से बयानों के तीर निकल रहे हैं. सत्ताधारी पक्ष जहां लगातार यह कह रही है कि वो इस बिल को लेकर काफी सुदृढ़ और निश्चित है वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों और विपक्ष की पार्टियां इसे लेकर लगातार अपना विरोध दर्ज करा रही है. Also Read - JEE Mains Exam 2020: बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जेईई परीक्षा को लेकर खड़ा किए सवाल, शिक्षा मंत्री ने कुछ ऐसा दिया जबाव

इसी सिलसिले में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने बुधवार को कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) देश में रहने वाले मुसलमानों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा और यह उन धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए लाया गया है जो तीन पड़ोसी देशों से आए हुए हैं. हैदराबाद विश्वविद्यालय में ‘नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019: समकालीन राजनीति से परे एक ऐतिहासिक अनिवार्यता’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में स्वामी ने सीएए पर गलत जानकारियां फैलाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विपक्षी कांग्रेस नेताओं को इस मामले पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया है. Also Read - SSR Case: सुशांत की डेडबॉडी की कोई तस्वीर नहीं है? सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे का हुआ खंडन 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के लोगों को मेरे साथ बहस करने की चुनौती देता हूं. वे टेलीविजन पर (कानून के खिलाफ) जो बात कह रहे हैं, वे सभी बकवास हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय नागरिक के तौर पर भारत में रहने वाले मुसलमानों को इससे डरने की कोई जरुरत नहीं है. कोई उनसे नागरिकता नहीं छीन सकता.’’ Also Read - सीएए-विरोधी आंदोलन में शामिल शरजील इमाम जेल में कोरोना वायरस से संक्रमित