पटना, 24 फरवरी | बिहार में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2014 में बिहार में करीब ढाई करोड़ पर्यटक बिहार के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे, जो वर्ष 2013 की तुलना में करीब चार फीसदी अधिक है। राज्य के पर्यटन विभाग के मंत्री जावेद इकबाल अंसारी ने राज्य में विदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की संख्या पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में 80 29 लाख विदेशी पर्यटक बिहार पहुंचे, जबकि बिहार आने वाले कुल पर्यटकों की संख्या 20 33 करोड़ रही। यह भी पढ़ें–रेल बजट में बिहार को मिलेंगे कई तोहफे : शाहनवाज हुसैन

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश के विभिन्न हिस्सों से दो करोड़ 25 लाख पर्यटक बिहार आए थे।  उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में बिहार पहुंचने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 20 23 करोड़ थी, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 70 65 लाख थी। वर्ष 2012 में कुल 20 25 करोड़ पर्यटक बिहार में विभिन्न पर्यटन स्थलों का दीदार करने पहुंचे थे। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2010 में बिहार पहुंचने वाले कुल पर्यटकों की संख्या जहां 10 65 करोड़ थी, वहीं 2011 में यह संख्या बढ़कर 10 93 करोड़ पहुंच गई थी।  पर्यटन मंत्री ने बताया कि बिहार में हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों के कारण भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। बिहार में राजगीर महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक राजगीर पहुंचे थे।

बिहार पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यूं तो बिहार पहुंचने वाले विदेशी पर्यटक विभिन्न देशों के होते हैं, लेकिन श्रीलंका, थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया जैसे बौद्ध बहुल देशों से सबसे ज्यादा पर्यटक बिहार आते हैं। बिहार की संस्कृति को जानने के लिए भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं।  मंत्री अंसारी कहते हैं कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के दार्शनिक और ऐतिहासिक स्थलों को सड़क मार्गो से जोड़ा जा रहा है और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रसिद्घ सोनपुर मेले में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ‘पर्यटक ग्राम’ का निर्माण करवाया गया था। इसके अलावा राजगीर और बोधगया जैसे पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के राजगीर सहित सात क्षेत्रों में रोप-वे निर्माण किया जा रहा है।