नई दिल्लीः भारत ने पाकिस्तान में भारतीय अधिकारियों को लगातार परेशान किए जाने और धमकाने के मामलों की तत्काल जांच कराने को कहा है. सरकारी सूत्रों सोमवार को इसकी जानकारी दी. गौरतलब है कि भारत ने पाकिस्तान में तैनात अपने राजनयिकों को धमकाने और परेशान किए जाने के विरोध में इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान को रविवार को‘नोट वर्बेल’ ( राजनयिक नोट) जारी किया था. तीन महीने से भी कम समय में भारत ने पाकिस्तान को 13 वीं बार ‘नोट वर्बेल’ जारी किया. आरोप है कि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों के बच्चों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है. जिन तरीकों से उत्पीड़न किया जा रहा है, उनमें रात 3 बजे घर के बाहर लगी घंटी बजाना, सुरक्षाकर्मियों द्वारा पूछताछ जैसी कई गतिविधियों से डराया-धमकाया जाना शामिल है. Also Read - कोविड-19 महामारी के कारण कम कीमत पर लोगो अधिकार बेचने पर मजबूर हुआ पीसीबी

पाकिस्तान को जांच के नतीजों को भारतीय उच्चायोग से साझा करने के लिए भी कहा गया है. सूत्रों ने साथ ही बताया कि भारतीय उच्चायोग की वेबसाइट को बार- बार ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे मिशन का सामान्य कामकाज प्रभावित होता है. एक सूत्र ने बताया कि राजनयिकों को परेशान किए जाने, धमकाने और उनकी शारीरिक सुरक्षा को खतरा पैदा करना विएना संधि 1961 का उल्लंघन है और भारतीय उच्चायोग के कर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा है. Also Read - भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, माइक पॉम्पिओ बोले- चीन को भारत ने दिया सही जवाब

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान को यह भी बताया गया है कि भारतीय उच्चायोग, उसके अधिकारियों, कर्मचारियों और परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है. सूत्रों ने बताया कि 19 मार्च को भारतीय मिशन के दो अधिकारी खरीदारी के लिए साफा गोल्ड मॉल गए हुए थे और दो लोगों ने एक कार से विभिन्न जगहों पर उनका करीब से पीछा किया. उन्होंने बताया कि एक अन्य घटनाक्रम में उच्चायोग के वाहन में सुपर बाजार जा रहे दो अधिकारियों का भी पीछा किया गया. Also Read - पाकिस्तान ने कहा- कुलभूषण जाधव ने अपील दायर करने से मना किया, भारत ने दावे को बताया ‘स्वांग’

सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान को इन घटनाओं की तत्काल जांच करने और संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश देना का आग्रह किया गया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो. जांच के नतीजों को उच्चायोग से साझा करने का अनुरोध भी किया गया है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के अफसरों का अज्ञात लोगों द्वारा पीछा किया जा रहा है. यह भी सामने आया है कि पीछा करते वक्त उनके वीडियो भी बनाए जा रहे हैं. भारत सरकार ने अपने राजनयिकों के साथ हो रही इस तरह की घटनाओं पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है.