नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने मंगलवार को सीमा पार से आतंकवाद के हर प्रारूप का कड़ा विरोध किया और पाकिस्तान से कहा कि ‘‘त्वरित, स्थायी अपरिवर्तनीय’’ कार्रवाई करे ताकि सुनिश्चित हो सके कि उसके नियंत्रण के क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी हमले के लिए नहीं हो. भारत-अमेरिका के ‘टू प्लस टू’ मंत्री स्तरीय वार्ता के तीसरे संस्करण में सीमा पार से आतंकवाद का मुद्दा उठा. वार्ता में भारत के पड़ोस और उसके पार के भी तमात सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई. Also Read - किसान आंदोलन पर बोलकर फंसे कनाडाई पीएम, भारत ने उच्चायुक्त को किया तलब; द्विपक्षीय संबंध बिगड़ने की चेतावनी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर के साथ वार्ता की. दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता में उनके शीर्ष सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद की कड़ी आलोचना की और सीमा पार से आतंकवाद के हर प्रारूप की कड़ी निंदा की. साथ ही हिज्बुल मुजाहिद्दीन, अल-कायदा और आईएसआईएस सहित सभी आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर बल दिया. Also Read - Science Miracle: ये बच्ची पैदा होते ही 27 साल की, अपनी मां से केवल डेढ़ साल छोटी है!

अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जयशंकर ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने स्पष्ट कर दिया कि सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह से अस्वीकार्य है.’’ संयुक्त बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने पाकिस्तान से कहा कि वह त्वरित, स्थायी एवं अपरिवर्तनीय कार्रवाई करे ताकि सुनिश्चित हो सके कि उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी हमले करने में नहीं हो और इस तरह के हमले करने वालों पर तेजी से कार्रवाई करे जिनमें 26…11 मुंबई, उरी और पठानकोट हमले के साजिशकर्ता शामिल हैं. Also Read - COVID-19 Update News: Coronavirus के 36,594 नए केस, कुल आंकड़ा 95 लाख 71 हजार के पार

इसमें कहा गया, ‘‘मंत्रियों ने आतंकवादी समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधों पर सूचना के आदान-प्रदान को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई.’’ बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने आतंकवादी संगठनों के संचालन एवं वित्तपोषण, कट्टरपंथ का मुकाबला करने, इंटरनेट का आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल करने, आतंकवादियों की सीमा पार गतिविधियों के खिलाफ भी कदम उठाने का संकल्प लिया. बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सहित कई मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है.

इसने कहा, ‘‘उन्होंने यूएन कंप्रीहेंसिव कन्वेशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (सीसीआईटी) को जल्द अपनाने के लिए समर्थन देने की पुष्ट की जिसके तहत किसी भी स्थिति में आतंकवाद को सही नहीं ठहराने का संदेश दिया जाएगा और वैश्विक स्तर पर सहयोग के लिए रूपरेखा को मजबूती दी जाएगी.’’