नई दिल्ली। भारत और कनाडा ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन जैसे सिख आतंकवादी संगठनों के साथ ही लश्कर ए तैयबा और पाकिस्तान स्थित जैश ए मुहम्मद से उत्पन्न खतरों को दूर करने के लिए मिलकर काम करने का आज संकल्प जताया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद जारी एक दस्तावेज में इसकी घोषणा की गई. यह दस्तावेज आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से मुकाबले के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग के ढांचे से संबंधित है. कनाडा में सिख अतिवादियों की मौजूदगी और कनाडा सरकार की नरमी के मद्देनजर ये घोषणा बेहद अहम है.

दस्तावेज में कहा गया है कि उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों और विदेशी आतंकवादी के प्रवाह को रोकने, सीमा पार और राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद से पैदा होने वाले खतरों पर गौर करने, आतंकवादी वित्तपोषण के स्रोतों को रोकने, आतंकवादी ढांचे को खत्म करने और आतंकवादियों के लिए हथियारों की आपूर्ति को रोकने के लिए जरूरी अनिवार्यता की पहचान की. दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने आतंकवादी और हिंसक उग्रवादी समूहों की गतिविधियों पर काबू पाने की जरूरत पर भी जोर दिया.

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इसमें कहा गया है कि उन्होंने अल कायदा, आईएसआईएस, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर जेईएम, बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकवादी समूहों से पैदा होने वाले खतरों को दूर करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प जताया.
इसमें कहा गया है कि बहु-सांस्कृतिक, विविध, बहुलवादी समाज के रूप में, दोनों देश लोकतांत्रिक सिद्धांतों, मानवाधिकारों और कानून के शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और कट्टरता से उत्पन्न होने वाली गंभीर चुनौतियों को पहचानते हैं. दोनों पक्षों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद का उनके सभी रूपों में मुकाबला करने के लिए साझा संकल्प पर जोर दिया.

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सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों देशों के कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच जारी सहयोग की समीक्षा की और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार संवाद, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यदल और विशेषज्ञ उप-समूह की निगरानी में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

जस्टिन ट्रूडो ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा कि आज पीएम मोदी से बातचीत में आतंकी जसपाल अटवाल का मुद्दा नहीं उठा. उन्होंने कहा कि जो स्थिति पैदा हुई और अस्वीकार्य थी. मैंने कल भी कहा था कि इस शख्स को न्योता नहीं दिया जाना चाहिए था, आमंत्रित करने वाले सांसद ने इसकी जिम्मेदाीर भी ली है. मैं कनाडा में सांसद से इस बारे में बात करुंगा. पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से संदिग्ध अतिवादियों की लिस्ट के संबंध में पूछे गए सवाल पर जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हमें लगातार लोगों के बार में सूचना मिलती रहती है और हम उचित कदम उठाते हैं. ऐसी किसी लिस्ट पर कमेंट नहीं करूंगा, इसे हमारे इंटेलीजेंस अधिकारियों को दिया जाएगा जो कनाडाई नियमों के तहत इस पर गौर करेगी.

उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि कनाडा सरकार और पंजाब के सीएम के रिश्तों में नई ताजगी ला सका. हम जानते हैं कि कनाडाई लोगों के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण है. हम आगे बढ़ने के लिए आशान्वित हैं. हमारे इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए और भी कई कदम उठाए जाने हैं.

(भाषा /ANI इनपुट)