नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति कायम रखने और गतिरोध को बातचीत से सुलझाने का तरीका काम करता नजर आ रहा है. जी हां, दरअसल चीन ने अपनी सेना को पीछे हटा लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीन ने अपनी सेना को तीन जगहों से करीब ढाई किलोमीटक तक पीछे हटा लिया है. Also Read - कांग्रेस का सवाल- भारतीय सेना LAC पर हमारी ही सरजमी से क्यों हट रही है पीछे, क्या पीएम मोदी के शब्दों के मायने नहीं?

दोनों सेनाओं के बीच उस समय गतिरोध शुरू हुआ जब भारत द्वारा गलवान घाटी में दारबुक-शयोक-दौलत बेग ओल्डी के साथ-साथ पेगोंग झील के आसपास फिंगर इलाके में महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण शुरू किया गया और चीन ने इसका विरोध किया. पूर्वी लद्दाख में उस समय स्थिति और बिगड़ गई जब पांच और छह मई को 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक आमना-सामना हुआ. पेगोंग त्सो की तरह की घटना नौ मई को उत्तर सिक्किम में भी हुई. Also Read - विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने की अमेरिकी उप विदेशमंत्री से बात, हिंद-प्रशांत, कोविड-19 से निपटने को लेकर हुई चर्चा

हालांकि अब ये मामला सुलझता नजर आ रहा है. शीर्ष सरकार के सूत्र एएनआई को बताया कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में लगभग तीन प्वाइंट्स पर अपनी-अपनी जगह से हट गए हैं. पूर्वी लद्दाख में कई जगहों पर भारत और चीन के बीच तनातनी खत्म हुई है. चीन की आर्मी ने गलवान, पट्रोलिंग पॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग इलाके से अपने जवान और लड़ाकू वाहन 2.5 किमी तक पीछे हटा लिए हैं. भारत ने भी अपने कुछ जवानों को पीछे हटाया हैं. Also Read - पैंगोंग झील और डेपसांग से अभी तक पीछे नहीं हटे चीनी सैनिक, जानिए क्या पूरा मामला

सरकार के शीर्ष सूत्रों ने एएनआई को बताया कि दोनों सेनाओं के बीच इस सप्ताह पैट्रोलिंग पॉइंट 14 (गलवान क्षेत्र), पैट्रोलिंग पॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र सहित कई स्थानों पर बातचीत होने वाली है. अगले कुछ दिनों में होने वाली वार्ता और 6 जून को आयोजित लेफ्टिनेंट जनरल-स्तरीय वार्ता के कारण, चीनी सेना ने 2 से ढाई किलोमीटर तक लद्दाख घाटी, PP-15 और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के हॉट स्प्रिंग्स से अपने सैनिकों को पीछे खींच लिया है. सूत्रों ने कहा कि चीनी सेना के जाने के बाद भारत ने भी अपने कुछ सैनिक और वाहनों को वापस बुला लिया है.