India-Russia Sign 28 Agreements: भारत और रूस ने आपसी साझेदारी और अधिक विस्तारित करने के लिए सोमवार को 28 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. साथ ही, आतंकवाद से खतरा एवं अफगानिस्तान में उभरती स्थिति जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने में सहयोग व समन्वय बढ़ाने का संकल्प लिया. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला (Harsh Vardhan Shringla) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता को ‘काफी फलदायी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई क्षेत्रों में संधि समेत 28 समझौते किए गए. यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने पूर्वी लद्दाख गतिरोध का मुद्दा उठाया या नहीं? इस पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत की सुरक्षा संबंधी सभी चिंताओं पर चर्चा हुई. श्रृंगला ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि मोदी और पुतिन ने अफगानिस्तान पर भारत और रूस के बीच करीबी सहयोग व विचार-विमर्श जारी रखने का निर्णय लिया.Also Read - Assembly Elections 2022: चुनाव के ऐलान के बाद UP में भाजपा के कार्यकर्ताओं से आज पहली बार बात करेंगे PM मोदी

उन्होंने कहा, ‘दोनों पक्ष इस बात को लेकर स्पष्ट रहे कि अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग किसी भी तरह के आतंकी कृत्यों की साजिश, प्रशिक्षण और आश्रय के लिए नहीं किया जाना चाहिए.’ विदेश सचिव ने कहा कि वार्ता के दौरान ऊर्जा के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने पर भी जोर दिया गया और दोनों पक्षों ने इसे साझा हितों वाला क्षेत्र करार दिया. श्रृंगला ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमा-पार आतंकवाद से लड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया. Also Read - भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीत से हमें काफी आत्मविश्वास मिलेगा: टेम्बा बावुमा

उधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र बतााया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध साझा चुनौतियां हैं, जिनका दोनों देश सामना कर रहे हैं. Also Read - PM मोदी आज WEF के दावोस एजेंडा में 'स्टेट ऑफ द वर्ल्ड' को करेंगे संबोधित

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी वार्ता के दौरान शुरुआती टिप्पणी में अफगानिस्तान में घटनाक्रमों पर भी चिंता प्रकट की और कहा कि भारत एवं रूस क्षेत्र द्वारा सामना की जा रही बड़ी चुनौतियों पर समन्वय जारी रखेंगे. उन्होंने कहा, ‘हम भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र मानते हैं. दोनों देशों के बीच संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं और मैं भविष्य की ओर देख रहा हूं.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पुतिन की दूसरी विदेश यात्रा भारत-रूस संबंधों के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है तथा दोनों पक्षों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी प्रगाढ़ हो रही है. मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में, विश्व ने कई मूलभूत परिवर्तन और विभिन्न प्रकार के भू-राजनीतिक बदलाव देखे हैं लेकिन भारत एवं रूस की मित्रता पहले जैसी बनी रही है.

(इनपुट: भाषा)