नई दिल्ली। भारत-अमेरिका के बीच 2 प्लस 2 की बातचीत में दोनों देशों के बीच आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर सहमति बनी. सबसे खास बात ये रही कि दोनों देश मोस्ट वांडेट ग्लोबल आतंकी दाऊद इब्राहिम को ढूंढ़ने के लिए मिलकर सर्च अभियान चलाने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में भी कंधे से कंधा मिलाकर चलने पर सहमति बनी है. Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

दाऊद इब्राहिम के खिलाफ चलेगा सर्च अभियान Also Read - Covid 19: पाक में हिंदुओं को सरकारी राशन तक नहीं दिया जा रहा, भूखे रहने की नौबत

2 प्लस 2 वार्ता में 1993 के मुंबई बम धमाके के दोषी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई. सहमति बनी कि दाऊद इब्राहिम को ढूंढ़ने में अमेरिका मदद करेगा. दाऊद के खिलाफ दोनों देश मिलकर सर्च अभियान चलाएंगे. फिलहाल दाऊद पाकिस्तान के कराची और इस्लामाबाद में रहता है, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इससे इनकार किया है. भारत की ओर से कई बार सबूत देने के बावजूद पाकिस्तान ने हर दलील को मानने से इनकार कर दिया. Also Read - कोरोनावायरस से पीड़ित पाकिस्तान के दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ी आजम खान का निधन

दाऊद इब्राहिम से सीधी बातचीत का दावा, बताया अपना ठिकाना

दाऊद इब्राहिम को 2003 में ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित किया गया था. भारत के साथ ही वह अमेरिका के लिए भी मोस्ट वांटेड आतंकी है. अमेरिका ने उस पर 25 लाख डॉलर का ईनाम घोषित किया हुआ है. भारत की कोशिशों से ही संभव हो सका कि यूएई और ब्रिटेन ने उसकी संपत्ति भी जब्त कर ली. इसके अलावा भारत में भी उसकी संपत्ति की नीलामी की गई. इस बीच दाऊद के कई गुर्गे यूएई, दुबई में भी पकड़े गए जिससे उसके गैंग को तगड़ा झटका लगा.

कई मुद्दों पर बनी सहमति

आज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2 प्लस 2 वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच भारत के एनएसजी में प्रवेश के लिए सहमति बनी. इसके साथ ही दक्षिण एशिया में आतंकवाद की स्थिति पर भी बात हुई. दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंध आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई. आतंकवाद के खिालफ लड़ाई में दोनों देश साथ काम करेंगे. रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच हॉटलाइन स्थापित होगी.

पहली बार टू प्लस टू वार्ता 

भारत और अमेरिका के बीच पहली बार हो रही टू प्लस टू वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करना और भारत-प्रशांत क्षेत्र में वैश्विक रणनीतिक सहयोग को विशेषतौर पर बढ़ाना है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने टू प्लस टू वार्ता के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से बातचीत की. बता दें कि अमेरिका भारत के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, जिसे क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य प्रभुत्व के संतुलन के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.