
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Dulhasti Stage-II hydropower project on Chenab: अप्रैल 2025 में पहलगाम में बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में की गई सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इसके बाद से ही भारत सरकार कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं के काम में तेजी लाई है. इसी क्रम में पर्यावरण मंत्रालय के तहत एक पैनल ने जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर 260-मेगावाट के दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे दी है.
दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का प्लान बहुत पहले ही बनाया गया था. दिसंबर 2025 में हाइडल प्रोजेक्ट्स पर विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने अपनी 45वीं बैठक में इसे आगे बढ़ाने पर मंजूरी दी. अब इस रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट के लिए निर्माण टेंडर जारी करने का रास्ता साफ हो गया है. इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 3,200 करोड़ रुपये से ज़्यादा है.
विशेषज्ञ समिति ने बताया कि प्रोजेक्ट के पैरामीटर सिंधु जल संधि के 1960 के प्रावधानों के पैरामीटर के अनुसार ही प्लान किए गए थे. ये भी साफ किया गया कि सिंधु जल संधि 23 अप्रैल, 2025 से प्रभावी रूप से निलंबित है.
बता दें कि जब सिंधु जल संधि लागू थी तब पाकिस्तान के पास सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों पर अधिकार थे. भारत के पास रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर अधिकार था. ब जब संधि निलंबित है तो केंद्र सरकार सिंधु बेसिन में कई हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर आगे बढ़ रही है. सवालकोट, रतले, बुरसर, पाकल दुल, क्वार, किरू, और कीरथाई जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.
दुलहस्ती स्टेज-II मौजूदा 390-MW दुलहस्ती स्टेज-I हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का ही विस्तार है. इसे नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 2007 में चालू होने के बाद से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है. प्लान के तहत स्टेज-I पावर स्टेशन से पानी को 3,685 मीटर लंबी और 8.5 मीटर व्यास वाली एक अलग सुरंग के माध्यम से मोड़ा जाएगा. इस प्रोजेक्ट में एक भूमिगत पावरहाउस भी शामिल है जिसमें दो 130 MW यूनिट होंगी. यहां से 260 MW वार्षिक ऊर्जा का उत्पादन होगा.
सिंधु जल संधि के स्थगित किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. इसने कई बार भारत पर झेलम और चिनाब नदियों का पानी रोकने का आरोप लगाया है. हाल ही में पाकिस्तान की एक आंतरिक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया था कि चिनाब नदी के बहाव में कमी आई है. इसमें ये भी कहा गया था कि पाकिस्तान की 80 फीसदी खेती सिंधु नदी बेसिन से मिलने वाले पानी पर निर्भर है. अगर इसमे समस्या आई तो पूरे देश की खेती पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ेगा.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.