नई दिल्ली: भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 50 फीसदी तक कम करने का फैसला किया है. साथ ही, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में इसी अनुपात में अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने की भी घोषणा की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग के उप उच्चायुक्त को तलब किया गया और इस फैसले से अवगत कराया गया है.Also Read - BSF के बेड़े में शामिल हुए 3 नए फ्लोटिंग बार्डर आउट-पोस्ट स्वदेशी जहाजों का बेड़ा, देखें फोटो

मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले की वजह जासूसी गतिविधियों में पाकिस्तान उच्चायोग अधिकारियों की कथित संलिप्तता और उनका आतंकवादी संगठनों से संबंध रखना है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इस्लामाबाद में हाल ही में दो भारतीय अधिकारियों का अपहरण होने और उनके साथ किये गये ‘‘बर्बर बर्ताव’’ का भी जिक्र किया गया है. Also Read - PHOTOS: पाकिस्तान की लड़की, जो भारतीय क्रिकेटर से प्रेरित होकर बनी तेज गेंदबाज

मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान और इसके अधिकारियों का बर्ताव वियना संधि तथा राजनयिक अधिकारियों एवं दूतावास अधिकारियों के साथ व्यवहार के बारे में द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप नहीं है. इसके उलट, यह सीमा पार (भारत में) हिंसा और आतंकवाद का समर्थन करने वाली एक वृहद नीति का स्वाभाविक हिस्सा है. ’’ मंत्रालय ने कहा कि इसलिए , भारत ने नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत घटाने का फैसला लिया है. Also Read - एयरपोर्ट अफसरों ने हेलीकॉप्‍टर की उड़ान में देरी की वजह बताई तो अखिलेश बोले- मुझे कैसे पता होगा कि क्या कारण था

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह (भारत) भी इसके बदले में इस्लामाबाद में इसी अनुपात में अपनी मौजूदगी घटाएगा. इस फैसले से, जो सात दिनों में क्रियान्वित किया जाएगा, पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त को अवगत करा दिया गया है. ’’

(इनपुट भाषा)