नई दिल्ली: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी सोमवार सुबह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। जिसके बाद भारत ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को समन कर इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को कथित तौर पर गिरफ्तार किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. पाकिस्तान के मीडिया ने खबर दी कि सोमवार की सुबह से लापता दो भारतीय कर्मचारियों को पाकिस्तान के अधिकारियों ने ‘‘टक्कर मारकर भागने’’ में कथित तौर पर संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है. Also Read - LoC पार लॉन्‍चपैड्स में 250-300 आतंकवादी कश्‍मीर में घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं: आर्मी

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान मिशन के प्रभारी को विदेश मंत्रालय ने समन किया और दो भारतीय अधिकारियों की गिरफ्तारी की खबर पर उन्हें आपत्ति पत्र जारी किया गया. Also Read - India Coronavirus live Update: कोरोना से मचा कोहराम, टूटे सारे रिकॉर्ड, 24 घंटे में सामने आए सर्वाधिक 27 हजार से अधिक मामले, पढें रिपोर्ट्स

उन्होंने कहा कि आपत्ति पत्र में पाकिस्तान मिशन के प्रभारी को यह स्पष्ट कर दिया गया कि भारतीय अधिकारियों से पूछताछ नहीं होनी चाहिए या उनका उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह पाकिस्तानी अधिकारियों पर है. सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष से कहा गया कि दोनों अधिकारियों को उनकी सरकारी कार के साथ अविलंब उच्चायोग में वापस किया जाए. इस्लामाबाद में सुबह दो अधिकारी लापता हो गए जिसके बाद भारत ने मामले को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया. Also Read - कोविड-19 महामारी के कारण कम कीमत पर लोगो अधिकार बेचने पर मजबूर हुआ पीसीबी

सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारी सुबह साढ़े आठ बजे आधिकारिक कार्य के लिए एक वाहन में उच्चायोग से बाहर गए थे लेकिन वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचे. भारत द्वारा पाकिस्तान उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी के आरोप में निलंबित किए जाने के दो सप्ताह बाद यह घटना हुई है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों आबिद हुसैन और मोहम्मद ताहिर को दिल्ली पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वे रुपयों के बदले एक भारतीय नागरिक से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज हासिल कर रहे थे. इसके बाद भारत ने हुसैन और ताहिर को ‘अवांछित’ करार दिया था.

उनके निष्कासन के बाद पाकिस्तान की एजेंसियों ने इस्लामाबाद में मिशन प्रभारी गौरव अहलुवालिया सहित भारतीय उच्चायोग के कई अधिकारियों का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया. पाकिस्तानी एजेंसियों ने दो मौकों पर उग्र रूप से अहलुवालिया की कार का पीछा किया जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. दो पाकिस्तानी अधिकारियों को निष्कासित किए जाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से भी बदले की कार्रवाई करने का अंदेशा था क्योंकि वह पहले भी ऐसा कर चुका है.

पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय राजदूत को निष्कासित कर राजनयिक रिश्तों को कमतर किया था.

(इनपुट भाषा)